मनचलों व नशेड़ियों का गढ़ बना वार्ड

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सिलीगुड़ी नगर निगम : वार्ड नंबर 10 का नहीं हुआ अपेक्षित विकास सिलीगुड़ी : हर्ट ऑफ सिटी से बहने वाली महानंदा नदी के किनारे, शहर का मुख्य सड़क हिलकार्ट रोड व सेवक रोड के बाईं ओर बसा लंबा इलाका ही 10 नंबर वार्ड है. यह वार्ड आवासीय इलाका होने के साथ-साथ वाणिज्य केन्द्र भी है. […]

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सिलीगुड़ी नगर निगम : वार्ड नंबर 10 का नहीं हुआ अपेक्षित विकास
सिलीगुड़ी : हर्ट ऑफ सिटी से बहने वाली महानंदा नदी के किनारे, शहर का मुख्य सड़क हिलकार्ट रोड व सेवक रोड के बाईं ओर बसा लंबा इलाका ही 10 नंबर वार्ड है. यह वार्ड आवासीय इलाका होने के साथ-साथ वाणिज्य केन्द्र भी है.
8 व 9 नंबर वार्ड की तरह ही यहां भी अधिकांश मकानों के नीचे दुकान-प्रतिष्ठान व गोदामें हैं. इसके अलावा पशु अस्पताल समेत अन्य कई सरकारी दफ्तरें, सरकारी व गैर सरकारी स्कूलें, नर्सिग होम व धर्मशाला इस वार्ड में है. साथ ही शहर का एक खूबसूरत सूर्यसेन पार्क, ऐतिहासिक गिरजा घर व शहर का एकमात्र गुरूद्वारा भी इसी वार्ड में है. इस वार्ड में शिक्षित, व्यापारी व संपन्न वर्ग के साथ-साथ गरीब तबके के लोग भी भारी तादाद में वसावास करते हैं. वार्ड में एक भी बस्ती इलाका नहीं है.
क्या कहना है वार्डवासियों का
वार्डवासी विनोद कुमार का कहना है कि यह वार्ड अन्य वार्डो की तुलना में संपन्न वार्ड है, बावजूद ुइसके इस वार्ड का जिस तरह विकास होना चाहिए था, नहीं हुआ. व्यापारी संदीप अग्रवाल का कहना है कि 8, 9 व 11 नंबर वार्ड के अलावा इस वार्ड से निगम को सबसे अधिक आय होता है. होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, नर्सिग होम के कचरे हटाने के बावद निगम को काफी आय होती है. इसके बावजूद इस वार्ड को विकास से उपेक्षित रखा गया है. विजय प्रसाद का कहना है कि यह वार्ड वाणिज्य केन्द्र होने के साथ-साथ आवासीय इलाका भी है.
पार्किग की सही व्यवस्था न होने, सड़क चौड़े न होने की वजह से हमेशा सड़क जाम की समस्या बनी रहती है. इस वजह से स्कूली छात्रों, युवतियों, वृद्धों व रोगियों को खास तौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. एक व्यापारी घनश्याम गोयल ने कहा कि यह वार्ड वाणिज्य केन्द्र होने के कारण हर रोज सिलीगुड़ी ही नहीं, बल्कि पहाड़, सिक्किम व पड़ोसी राज्य बिहार से भी बड़ी संख्या में व्यापारी यहां आते हैं. इन व्यापारियों में आजकल महिला व्यापारियों की भी तादाद काफी बढ़ चुकी है. इसके बावजूद यहां एक भी सुलभ शौचालय नहीं है.
इस कारण व्यापारियों को काफी परेशानी होती है. एक गृहिणी शकुंतला देवी का कहना है कि सड़क जाम, जल जमाव व गंदगी वार्ड की मुख्य समस्याओं में है. सड़कों व ड्रेनों की नियमित साफ-सफाई न होने की वजह से हल्की बारिश में ही जल जमाव की समस्या खड़ी हो जाती है. साथ ही सड़कों का गंदा पानी भी घरों में भर जाता है.
शांति देवी दास ने कहा कि इलाके में ब्लीचिंग पावडर, स्प्रे न होने के कारण मच्छरों का आतंक मचा हुआ है. मलेरिया, डेंगू जैसे जानलेवा बीमारियों का हमेशा यहां भय बना हुआ है. एक कॉलेज छात्र पिंकी मंडल का कहना है कि आजकल वार्ड नशेड़ियों का गढ़ बन गया है. बीते कुछ महीनों में वार्ड के ही रहने वाले कम उम्र के किशोर नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं.
ये नशेड़ी सुनसान सड़कों पर लड़कियों को अकेला देखकर छेड़छाड़ व अश्लील फब्बतियां कसने से भी बाज नहीं आते. युवा व्यापारी निर्मल अग्रवाल, गृहिणी मीरा गोयल, संतोष कुमार व अन्य वार्डवासियों का कहना है कि वार्ड का जनप्रतिनिधि चाहे किसी भी राजनैतिक पार्टी का क्यों न हो, उससे हमें कोई मतलब नहीं है.
जनप्रतिनिधि हमारे सुख-दुख में हमेशा साथ रहे, छोटी सी छोटी समस्याओं का जल्द निपटारा करे, वार्ड व वार्डवासियों जो किसी भी तबके का क्यों न हो, सबके विकास पर ध्यान दे.
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