मालदा में स्कूल ने छात्र पर लगाया एक हजार का जुर्माना

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बेंच तोड़ने की मिली बड़ी सजा, पांच दिनों से स्कूल जाना बंद मालदा : एक स्कूल छात्र द्वारा कक्षा की बेंच तोड़ने के आरोप में उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर उसे स्कूल छोड़ देने का निर्देश दिया गया है. घटना शहर के सिंगातला इलाके के मालदा […]

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बेंच तोड़ने की मिली बड़ी सजा, पांच दिनों से स्कूल जाना बंद
मालदा : एक स्कूल छात्र द्वारा कक्षा की बेंच तोड़ने के आरोप में उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर उसे स्कूल छोड़ देने का निर्देश दिया गया है. घटना शहर के सिंगातला इलाके के मालदा टाउन हाइस्कूल की है. बीते पांच दिनों से छात्र स्कूल नहीं जा पा रहा है. उसकी मां ने आज माध्यमिक विद्यालय निरीक्षक (डीआइ) के पास प्रधान शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.
इस बारे में मालदा टाउन स्कूल के प्रधान शिक्षक विश्वविकास दत्त ने बताया कि कुछ छात्रों ने स्कूल का नियम-कानून तोड़ा है. उन छात्रों की बदमाशी बंद करने के लिए फाइन लगायी गयी है. स्कूल संचालन कमेटी के अध्यक्ष अशोक साहा ने बताया कि इस बारे में उनके पास किसी ने शिकायत नहीं की है. उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस छात्र पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है, उसका जुर्माना माफ कर दिया जायेगा. साथ ही उसके पठन-पाठन में कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रधान शिक्षक के साथ बातचीत का भरोसा उन्होंने दिया. डीआइ के पास दर्ज करायी गयी शिकायत के आधार पर जानकारी मिली है कि बीते गुरुवार को आठवीं कक्षा के बी सेक्शन के छात्र अपने दो दोस्तों के साथ क्लास रूम के भीतर खेल रहा था.
उस दौरान एक बेंच टूट गयी. इस घटना के बाद प्रधान शिक्षक ने छात्र का स्कूल बैग छीन लिया और उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया. प्रधान शिक्षक ने उसे बताया कि अगर वह जुर्माना नहीं भरेगा तो उसे स्कूल से टीसी दे दिया जायेगा. बेटे के मुंह से सबकुछ सुनने के बाद उसकी मां स्कूल के प्रधान शिक्षक से मिलने गयी, लेकिन प्रधान शिक्षक ने साफ कह दिया गया अगर उसने जुर्माना नहीं भरा तो उसे टीसी दे दिया जायेगा.
बेहद गरीब है परिवार
छात्र की मां ने बताया कि उनके बेटे को स्कूल में घुसने नहीं दिया जा रहा है. बीते दो दिनों से स्कूल प्रबंधन से उसे क्लास करने देने के लिए अनुमति की जा रही है, लेकिन स्कूल प्रबंधन कोई भी बात सुनने से नाराज है. उसने बताया कि वह लोगों के घर में नौकरानी का काम करती है.
उसका पति नहीं है. महीने में उसे दो हजार रुपये मिलता है. काफी मुश्किल से वह घर-परिवार चलाती है. ऐसे में स्कूल में एक हजार रुपये जुर्माना भरना उसकी बस की बात नहीं है. उसने बताया कि अगर उसके बेटे से कोई गलती हुई है तो वह माफी मांगने के लिए तैयार है. उसने प्रधान शिक्षक से माफी भी मांगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बाद में बेटे के भविष्य के बारे में सोच कर उसने डीआइ से शिकायत की. मालदा टाउन हाइस्कूल के प्रधान शिक्षक विश्वविकास दत्त ने बताया कि स्कूल की ओर से छात्र के खिलाफ इस तरह का फैसला लिया गया है.
उन्होंने बताया कि टोकेन फाइन कम किया जा सकता है. जिला माध्यमिक विद्यालय परिदर्शक आशीष चौधरी शिकायत पत्र देख कर हतप्रभ रह गये. उन्होंने बताया कि मामले की गहन छानबीन किये जाने के बाद आवश्यक कदम उठाया जायेगा.
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