नदियों को प्रदूषण से बचाने को लेकर पुलिस सख्त, बीच नदी में बन रहे छठ घाटों को पुलिस ने हटाया
Updated at : 12 Nov 2018 3:36 AM (IST)
विज्ञापन

सिलीगुड़ी : महानंदा समेत सिलीगुड़ी की विभिन्न नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए बीते वर्ष छठ पूजा से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जो निर्देश दिये थे, उनका सख्ती के साथ पालन शुरू कर दिया गया है. इसके तहत रविवार को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कमिश्नर भरतलाल मीणा के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों […]
विज्ञापन
सिलीगुड़ी : महानंदा समेत सिलीगुड़ी की विभिन्न नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए बीते वर्ष छठ पूजा से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जो निर्देश दिये थे, उनका सख्ती के साथ पालन शुरू कर दिया गया है. इसके तहत रविवार को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कमिश्नर भरतलाल मीणा के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों ने तमाम छठ घाटों पर नजरदारी बढ़ा दी है.
सभी थानों के इंस्पेक्टर ने दल-बल के साथ अपने-अपने क्षेत्र के छठ घाटों पर मुहिम चलायी. जहां कहीं नदी के बीच छठघाट बने देखे गये, उन्हें तहस-नहस कर हटा दिया. नदी के बीच बनाये गये घाटों को लेकर पुलिस ने छठ घाट कमेटियों व श्रद्धालुओं को चेतावनी दी है. सभी को एनजीटी कानून का पालन करने को कहा गया है.
पुलिस की इस मुहिम से सभी छठ घाटों पर खलबली मच गयी. घाट पर अचानक पुलिस को देखकर नदी के बीच घाट बनाने में जुटे लोगों के पसीने छूट गये. हालांकि पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया, केवल चेतावनी दी. पुलिस ने महानंदा नदी के चार नंबर वार्ड के माटीगाड़ा रोड के ठोकर स्थित घाट, एयरव्यू मोड़ के लालमोहन निरंजन मौलिक घाट, पांच नंबर वार्ड के मां संतोषी घाट, गंगानगर दो नंबर रोड स्थित छठ घाट, गंगानगर तीन नंबर रोड हरिओम घाट, एक नंबर वार्ड के श्मशान घाट स्थित छठ घाट, गुरुंगबस्ती स्थित राम नारायण छठ घाट, बाघाजतिन कॉलोनी, चंपासारी के समर नगर स्थित गीता देवी घाट, शिवशक्ति छठ पूजा घाट पर अभियान चलाया. साहु, बालासन, पंचनई व अन्य नदियों के घाटों पर भी मुहिम चलायी गयी.
सिलीगुड़ी, प्रधाननगर, भक्तिनगर, एनजेपी, माटीगाड़ा, बागडोगरा थानों की पुलिस ने अपने-अपने इलाके में यह मुहिम चलायी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मुहिम रोज जारी रहेगी. बागडोगरा के एयरपोर्ट मोड़ पर हुलिया नदी में एनजीटी के निर्देशों की अनदेखी कर नदी में घाट बनाने का मामला सामने आया. इस पर बागडोगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन घाटों को तोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि शनिवार रात मामले पर नजर पड़ते ही कदम उठाया गया.
क्या हैं एनजीटी के निर्देश
नदियों को बचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने पिछले साल कई निर्देश दिये थे. इसके तहत नदी के बीच घाट बनाने पर सख्त पाबंदी है. नदी में ना तो केला गाछ लगाया जा सकता है और ना ही बांस के खंभे या बांस का अस्थायी पुल (चचरी पुल) बनाया जा सकता है. घाट को नदी के किनारे से कम से कम तीन फीट दूर होना जरूरी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




