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मतुआ समाज के लिए कुछ नहीं, सिर्फ अधिकार छीने

Updated at : 20 Dec 2025 11:11 PM (IST)
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मतुआ समाज के लिए कुछ नहीं, सिर्फ अधिकार छीने

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल सभा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने मतुआ समुदाय को लेकर केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला. तृणमूल नेताओं का आरोप है कि मतुआ समाज को लंबे समय तक झूठे वादों में उलझाया गया और अब उनसे उनके अधिकार भी छीने जा रहे हैं.

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कोलकाता.

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल सभा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने मतुआ समुदाय को लेकर केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला. तृणमूल नेताओं का आरोप है कि मतुआ समाज को लंबे समय तक झूठे वादों में उलझाया गया और अब उनसे उनके अधिकार भी छीने जा रहे हैं. इस दिन यहा ंतृणमूल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मतुआ संप्रदाय से जुड़ीं तृणमूल नेता ममता बाला ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने मतुआगढ़ में असंतोष की जमीन तैयार कर दी है.

मतुआ समुदाय के भीतर गुस्सा बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगा. मतुआ समाज से नागरिकता को लेकर झूठे वादे किये गये, लेकिन आज देने के लिए कुछ भी नहीं है.”

ठाकुर के बयान का समर्थन करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा : मतुआ समाज आज गहरे संकट के दौर से गुजर रहा है. इस बड़े सामाजिक समुदाय के साथ अगर कोई खड़ा है, तो वह केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी बंगाल आकर राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर चुके हैं, तब किसी तरह की बाधा नहीं थी. दरअसल, खराब मौसम और घने कोहरे के कारण प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर ताहेरपुर में नहीं उतर सका. उन्हें कोलकाता एयरपोर्ट लौटना पड़ा और वहीं से उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया.

इस मुद्दे पर राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी प्रधानमंत्री और भाजपा पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृष्णनगर में भी उतर सकते थे, लेकिन उनके शब्दकोश में कृष्णनगर नहीं, कृष्णगढ़ है. भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी कारणवश किसी कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाती हैं, तो उन पर भागने और इस्तीफे की मांग की जाती है. ऐसे में सवाल है कि जब प्रधानमंत्री सभा स्थल तक नहीं पहुंच पाये और उसी दिन चार लोगों की मौत हुई, तो क्या उनसे भी इस्तीफा मांगा जायेगा. भट्टाचार्य ने यह भी सवाल उठाया कि क्या एयरपोर्ट परिसर में बैठकर राजनीतिक सभा करना उचित है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट केंद्र सरकार का क्षेत्र है, फिर भी वहां से राजनीतिक भाषण दिया गया. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री कभी इस पर मीडिया के सवालों का सामना नहीं करेंगे.

प्रधानमंत्री और भाजपा को निशाने पर लेते हुए भट्टाचार्य ने यह कहा कि विरोध जितना चाहें करें, लेकिन बंगाल में मुख्यमंत्री के विकास कार्यों को नकारा नहीं जा सकता.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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