तृणमूल कांग्रेस को दैनिक खर्चों के लिए चाहिए खाते से पैसे, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछी राय

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ममता बनर्जी और सुप्रीम कोर्ट

ममता बनर्जी और सुप्रीम कोर्ट

तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से खाते फ्रीज मामले में बड़ा झटका लगा है. दैनिक खर्चों के लिए धन निकालने की अनुमति पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी.

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नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट में खाता फ्रीज मामले में एक झटका लगा है. क्या कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक के नियंत्रण में स्थित तृणमूल खाते से दैनिक खर्चों के लिए कुछ धनराशि निकालने की अनुमति दी जा सकती है. अब, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने ईडी को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.

कर्मचारियों को वेतन देना नहीं हो रहा संभव

सोमवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने सर्वोच्च न्यायालय में दलील दी कि खातों के फ्रीज होने के कारण कर्मचारियों को वेतन देना संभव नहीं है. न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने स्पष्ट किया कि वे मुख्य मामले की गुण-दोष की जांच नहीं कर रहे हैं. इस मामले में अंतरिम राहत के लिए दायर आवेदन पर विचार किया जा रहा है.

सभी खाते नहीं किये गये हैं फ्रीज

ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आरोप लगाया कि सभी खाते फ्रीज नहीं किए गए हैं. पैसों का लेन-देन प्रतिदिन हो रहा है. इस पर कपिल सिबल ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा- एक भी लेन-देन का सबूत दिखाइए. बहस के बाद, तृणमूल की इस मामले में अंतरिम राहत की अर्जी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से बयान मांगा. अगली सुनवाई अगले सप्ताह मंगलवार को होगी.

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ऐसा कोई सबूत पेश नहीं

इससे पहले, केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने कालीघाट के तृणमूल नेतृत्व की ओर से डोला सेन और डेरेक ओ'ब्रायन द्वारा उच्च न्यायालय में दायर किए गए मामले पर आपत्ति जताई थी कि क्या उन्हें मामला दायर करने का कानूनी अधिकार था. अदालत में ईडी की ओर से पेश होते हुए वकील एस.वी. राजू ने दावा किया कि अदालत के समक्ष ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने इस मामले को दर्ज करने की औपचारिक मंजूरी दी थी.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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