दमकल मंत्री ने दिये लापरवाही में जुड़े अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश
खराब मिला फायर अलार्म सिस्टम खाली था वाटर रिजर्वर और निष्क्रिय था वाटर स्प्रिंकलर
कोलकाता. बड़ाबाजार के मछुआ स्थित होटल रितुराज में मंगलवार रात को लगी आग की घटना ने वहां की अग्निशमन व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. जांच में पता चला है कि बड़ाबाजार के हृदय स्थल में मौजूद होने के कारण इस होटल में मौजूद होटल के 42 कमरों में 88 अतिथि ठहरे हुए थे. अधिकतर अतिथि दूसरे राज्यों से यहां आकर ठहरे हुए थे. इधर, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि होटल में फायर अलार्म सिस्टम पूरी तरह से खराब था. होटल के वाटर रिजर्वर में पानी नहीं था. इसके साथ ही वाटर स्प्रिंकलर भी पूरी तरह से निष्क्रिय था. जिससे अग्निशमन कर्मियों की चुनौतियों और पीड़ितों की परेशानियों को और बढ़ा दिया. सुजीत बोस ने कहा, होटल मालिकों ने बार-बार दिए गए निर्देशों पर ध्यान नहीं दिया, उन्हें इसके लिए जिम्मेदारी लेनी होगी. हम आवश्यक जांच कर रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे. प्राथमिक जांच में पता चला है कि पूरे होटल में सिर्फ एक सीढ़ी के अलावा अन्य कोई वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण होटल के कमरों में ठहरे अधिकतर लोगों का दम घुटने से उनकी मौत हो गयी. होटल का प्रवेशद्वार मात्र आठ फुट चौड़ा है, जिससे होकर होटल के रिसेप्शन डेस्क तक पहुंचा जा सकता है तथा एक संकरी सीढ़ी है, जो प्रथम तल तक जाती है, यही इसका एकमात्र प्रवेश और निकास बिंदु है. अधिकारियों को जांच में पता चला कि पहले फ्लोर पर एक बार का निर्माण कार्य जारी रहने के कारण न केवल क्षेत्र की खिड़कियां ईंट और कंक्रीट से सील की गई थीं, बल्कि दूसरी सीढ़ी का शटर भी अवरूद्ध रखा गया था, जिससे आग लगने पर वहां से लोगों को निकलने के वैकल्पिक रास्ते तक पहुंचने में भी दिक्कत हुई.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

