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अस्थायी सिविल डिफेंस कर्मियों की पुलिस से हुई झड़प, चार बीमार

Updated at : 26 Feb 2026 12:38 AM (IST)
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अस्थायी सिविल डिफेंस कर्मियों की पुलिस से हुई झड़प, चार बीमार

स्थायी रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन

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वेस्ट बंगाल डिजास्टर मैनेजमेंट एंड सिविल डिफेंस फाइटर एसोसिएशन के बैनर तले निकली रैली करुणामयी से विकास भवन तक गयी कई कर्मचारियों ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया कोलकाता. सॉल्टलेक स्थित पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के मुख्यालय के बाहर बुधवार को सैकड़ों की संख्या में अस्थायी सिविल डिफेंस कर्मियों ने स्थायी रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विभिन्न जिलों से आये प्रदर्शनकारियों की रैली वेस्ट बंगाल डिजास्टर मैनेजमेंट एंड सिविल डिफेंस फाइटर एसोसिएशन के बैनर तले करुणामयी से विकास भवन तक गयी. विकास भवन से पहले ही प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद वे रास्ते पर ही बैठ गये. कई लोगों ने सड़कों पर ही सो कर विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों में कइयों ने अर्धनग्न होकर विरोध किया. हटाने गयी पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गयी. सड़क पर ही धरने के कारण कुछ देर तक यातायात बाधित हो गया था. प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प में चार बीमार हो गये, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हटाया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले साल 13 जुलाई को जारी एक सरकारी आदेश में संशोधन की मांग कर रहे थे. इसे लेकर संबंधित विभाग को लगभग 50 पत्र सौंपे गये हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है. एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, वे लोग आंदोलन जारी रखेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत उन्हें केवल 14 दिन काम करने की अनुमति है, जिसके बाद अनिवार्य अंतराल होता है, जिससे महीने के बाकी दिनों में उनकी आय स्थिर नहीं रहती. 30 दिनों का सुनिश्चित मासिक कार्य और स्थायी रोजगार की मांग को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया. पत्र और बैनर लिये प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जब उन्होंने शिक्षा विभाग के मुख्यालय के पास इकट्ठा होने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर हमला किया. गौरतलब है कि विकास भवन में डिजास्टर मैनेजमेंट एंड सिविल डिफेंस विभाग का दफ्तर भी है. एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया वे प्रशासन के अभिन्न अंग हैं, फिर भी पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 महामारी और चक्रवात अम्फान के दौरान राज्य की सेवा की थी, लेकिन अब उन्हें नियमित काम से वंचित किया जा रहा है. इस कारण कई नागरिक सुरक्षा कर्मी महीने के अधिकांश समय बिना किसी तैनाती के रह जाते हैं.

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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