कोलकाता.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने राज्य से बाहर या विदेश में रहने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत सुनवाई में भाग लेने में कठिनाइयों को कम करने के लिए निर्वाचन आयोग के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह समस्या बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के साथ-साथ अन्य राज्यों या देशों में अस्थायी रूप से रह रहे छात्रों और पेशेवरों को भी प्रभावित करती है. अधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होना अक्सर मुश्किल होता है, और उपस्थित न होने पर वैध मतदाता होने के बावजूद उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं. सीईओ कार्यालय के अधिकारी ने कहा : हमें उन मतदाताओं से सैकड़ों शिकायतें मिली हैं, जो काम, पढ़ाई या स्वास्थ्य कारणों से एसआइआर की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाये. हमारा प्रस्ताव एक वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने का है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके नाम मतदाता सूची से न हटाये जायें. सीईओ के कार्यालय ने भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस या आस-पास के मतदान केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सत्यापन जैसे विकल्पों का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा : इसका उद्देश्य मतदाता सूची की विश्वसनीयता बरकरार रखते हुए बाहर गये मतदाताओं के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशना है. अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा अगले दौर की एसआइआर सुनवाई से पहले प्रस्ताव की समीक्षा किये जाने की संभावना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

