बिरला कॉरपोरेशन के ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन प्रस्ताव पर रोक

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बिरला कॉरपोरेशन के ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन प्रस्ताव पर रोक

एजीएम 15 सितंबर को होने वाली है. ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो किसी कंपनी के आंतरिक संचालन, नियमों और विनियमों को परिभाषित करता है.

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कोलकाता. बिरला कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने वाली चौधरीज लॉ ऑफिसेस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि अलीपुर अदालत के फर्स्ट कोर्ट के सिविल जज (सीनियर डिविजन) ने एकपक्षीय आदेश पारित करते हुए कंपनी को अपनी आगामी 105वीं वार्षिक आम बैठक में ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन से संबंधित प्रस्ताव पर मतदान से रोक दिया है. एजीएम 15 सितंबर को होने वाली है. ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो किसी कंपनी के आंतरिक संचालन, नियमों और विनियमों को परिभाषित करता है. इसमें निदेशकों की जिम्मेदारियां, वित्तीय रिकॉर्ड का प्रबंधन और शेयरधारकों के अधिकार शामिल हैं. कंपनी ने बताया कि 11 सितंबर का यह आदेश पांच शेयरधारकों द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में आया. कोलकाता स्थित बिरला कॉरपोरेशन के लॉ फर्म, चौधरीज लॉ ऑफिसेस की ओर से अधिवक्ता अजय चौधरी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अदालत ने कंपनी को ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन से संबंधित विशेष व्यवसाय के तहत मद संख्या पांच के संबंध में रिमोट ई-वोटिंग सहित किसी भी तरह से मतदान करने या परिणाम प्रकाशित करने से रोका है.

बिरला कॉरपोरेशन ने दावा किया कि उसकी ओर से किसी तरह का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है और प्रस्तावित अनुच्छेद में मौजूदा कानूनों का पूरी तरह से पालन हुआ है. कंपनी ने कहा है कि वह कानून के अनुसार सभी उचित कदम उठा रही है. कंपनी ने यह भी कहा कि इस आदेश का उसकी वित्तीय स्थिति या परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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Sandip Tiwari

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