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अधिक म्यूटेशन शुल्क वसूल रहीं राज्य की नगरपालिकाएं

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कोलकाता नगर निगम ने कई साल पहले ही निगम क्षेत्र में जमीन, मकान और फ्लैट के म्यूटेशन (नामांतरण) के लिए शुल्क वसूलना बंद कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोलकाता नगर निगम ने अतिरिक्त शुल्क लेना कर दिया है बंद

संवाददाता, कोलकाता

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कोलकाता नगर निगम ने कई साल पहले ही निगम क्षेत्र में जमीन, मकान और फ्लैट के म्यूटेशन (नामांतरण) के लिए शुल्क वसूलना बंद कर दिया है. लेकिन आरोप है कि राज्य की अन्य नगरपालिकाएं म्यूटेशन के लिए अपनी मर्जी से नागरिकों से पैसे वसूल रही हैं. इसके कारण आम नागरिकों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ रही है. राज्य की सभी नगरपालिकाएं प्रशासनिक रूप से राज्य के नगर एवं शहरी विकास विभाग के अधीन हैं. सवाल उठ रहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोलकाता नगर निगम म्यूटेशन के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले रहा है तो फिर नगरपालिकाएं किस अधिकार के तहत म्यूटेशन के नाम पर पैसे वसूल कर रही हैं. वकीलों के एक वर्ग का कहना है कि कोलकाता नगर निगम के खिलाफ एक मामले की सुनवाई के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ तौर पर कहा था कि म्यूटेशन के लिए नगर निगम अलग से कोई शुल्क नहीं ले सकता. जमीन, फ्लैट या मकान की बिक्री के समय जो व्यक्ति उसे खरीदता है उसका नाम करदाता के रूप में नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है. इसके बदले उसे नगर निगम से कोई अतिरिक्त सेवा नहीं मिलती. बिना किसी सेवा के केवल म्यूटेशन के नाम पर एकमुश्त राशि वसूली नहीं जा सकती. कोलकाता नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, एक समय तक वे भी म्यूटेशन के लिए जमीन, मकान और फ्लैट के डीड वैल्यू (यानी रजिस्ट्रेशन के समय तय कीमत) पर एक प्रतिशत की दर से शुल्क लेते थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए वर्ष 2016 के बाद से कोलकाता नगर निगम ने म्यूटेशन शुल्क लेना बंद कर दिया. वर्तमान में म्यूटेशन के लिए केवल 100 रुपये प्रोसेसिंग फीस ली जाती है.

सुविधाएं कम, लेकिन देना पड़ रहा अधिक म्यूटेशन शुल्क

इसके विपरीत नगरपालिका क्षेत्रों में फ्लैट या दुकान खरीदने वाले लोगों को भारी म्यूटेशन शुल्क देना पड़ रहा है जबकि वहां नागरिक सुविधाएं कोलकाता की तुलना में काफी कम हैं. उदाहरण के लिए हुगली जिले की आरामबाग नगरपालिका फ्लैट और मकान के म्यूटेशन के लिए डीड वैल्यू पर एक प्रतिशत शुल्क लेती है. यानी यदि फ्लैट की कीमत 40 लाख रुपये है तो म्यूटेशन का खर्च 40 हजार रुपये होगा. व्यावसायिक भवनों के मामले में यह शुल्क 2 प्रतिशत हो जाता है यानी 80 हजार रुपये. क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से अपेक्षाकृत छोटी नगरपालिका बाली में आवासीय मकानों के लिए 0.5 प्रतिशत की दर से म्यूटेशन शुल्क लिया जा रहा है. मध्यमग्राम नगरपालिका में मूल्यांकन के ऊपर 1.5 प्रतिशत की दर से म्यूटेशन शुल्क वसूला जा रहा है. साथ ही अतिरिक्त 200 रुपये भी जमा करने पड़ते हैं. उलबेड़िया नगरपालिका भी 0.5 प्रतिशत की दर से म्यूटेशन शुल्क ले रही है. कोलकाता से सटे विधाननगर नगर निगम पर भी 0.8 प्रतिशत की दर से म्यूटेशन शुल्क वसूलने का आरोप है हालांकि इसे म्यूटेशन शुल्क न बताकर लेवी और सरचार्ज के रूप में दिखाया जाता है.

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