बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रेम जाल में फंसीं 10 नाबालिग लड़कियों को बचाया

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सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते युवा. फोटो : AI

सोशल मीडिया पर प्रेम हुआ और लड़कियां घर छोड़कर चली गयीं. ऐसी 10 लड़कियों को बंगाल पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है. सभी को शेल्टर होम भेज दिया गया है. इन नाबालिग लड़कियों को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किसी से जान-पहचान हुई और पहचान बाद में प्रेम में बदल गयी. इससे परिवार के लोग परेशान हो उठे थे. उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करायी और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़कियों को बचा लिया.

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पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रेम के बाद घर छोड़ने वाली 10 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है. पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 25 दिन में इन लड़कियों को सुरक्षित बचाया है. मामला पश्चिम मेदिनीपुर के आनंदपुर थाना क्षेत्र का है.

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पुलिस ने लड़कियों को शेल्टर होम भेजा

पुलिस ने सभी नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के माध्यम से शेल्टर होम भेज दिया है. नाबालिग लड़कियों की फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके प्रेमी से जान-पहचान हुई थी. ऑनलाइन दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गयी. इसी के चलते लड़कियां घर छोड़कर अलग-अलग स्थानों पर चली गयीं.

घर से भागी लड़कियों में एक मैट्रिक की छात्रा भी

आनंदपुर थाना की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 दिनों में सभी को सुरक्षित बरामद कर लिया. लड़कियों में एक माध्यमिक की छात्रा थी. परीक्षा से कुछ दिन पहले ही वह अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गयी थी. इस मामले में पुलिस ने आरोपित के एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद लड़की को केशपुर बस स्टैंड के पास से मुक्त कराया गया.

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बड़ी मुसीबत में फंस सकती थी मेरी बेटी – पिता

एक पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी को पढ़ने के लिए घर से भेजा था. वह सोशल मीडिया पर प्रेम जाल में फंसकर घर छोड़कर चली गयी. उन्होंने आशंका जतायी कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की होती, तो उनकी बेटी किसी बड़ी मुसीबत या मानव तस्करी जैसे अपराध का शिकार भी हो सकती थी.

क्या कहना है प्रशासन का?

जिला प्रशासन ने कहा कि पश्चिम मेदिनीपुर में बाल विवाह और नाबालिगों के घर छोड़ने की घटनाएं चिंता का विषय हैं. हर मामले में माता-पिता की जबरदस्ती नहीं होती, बल्कि कई बार नाबालिग स्वयं ही घर छोड़कर शादी कर लेती हैं.

स्कूलों में चल रहे हैं कन्याश्री क्लब और बंधु महल जैसे अभियान

एक अधिकारी ने कहा है कि प्रशासन की ओर से स्कूलों में कन्याश्री क्लब और बंधु महल जैसे जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के सामने ये प्रयास पर्याप्त नहीं हैं. पुलिस और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उनसे नियमित संवाद बनाये रखें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

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