कोलकाता. एसआइआर प्रकिया शुरू होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. भाजपा के इशारे पर आयोग ने राज्य में 1.5 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का लक्ष्य रखा है. तृणमूल का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आयोग लॉजिकल गड़बड़ियों के नाम पर वोटरों के नाम हटाने की कोशिश कर रहा है. अब तृणमूल नेताओं का आरोप है कि इस बार आयोग अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि दूसरे चरण में लॉजिकल गड़बड़ियों के नाम पर अधिक संख्या में अल्पसंख्यकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, मुर्शिदाबाद में 30 फीसदी वोटरों को लॉजिकल गड़बड़ी के नोटिस मिले हैं. मालदा में यह संख्या 29.75 फीसदी है. उत्तर दिनाजपुर में 28.42 प्रतिशत लोगों को नोटिस भेजे गये हैं. बांकुड़ा और पुरुलिया में सिर्फ 10 से 13 फीसदी वोटरों को ही सुनवाई के लिए बुलाया गया है.
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