ePaper

राज्य में भारी बारिश के बाद अब बाढ़ की आशंका

Updated at : 19 Jul 2025 11:18 PM (IST)
विज्ञापन
राज्य में भारी बारिश के बाद अब बाढ़ की आशंका

महानगर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश व उसके बाद दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई जिलों की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पूर्व बर्दवान, बांकुड़ा, हावड़ा, हुगली में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है, इसे लेकर राज्य सचिवालय चिंतित है. राज्य के मुख्य सचिव डॉ मनोज पंत ने शनिवार को राज्य सचिवालय से नौ जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की.

विज्ञापन

कोलकाता.

महानगर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश व उसके बाद दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई जिलों की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पूर्व बर्दवान, बांकुड़ा, हावड़ा, हुगली में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है, इसे लेकर राज्य सचिवालय चिंतित है. राज्य के मुख्य सचिव डॉ मनोज पंत ने शनिवार को राज्य सचिवालय से नौ जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की. वहीं, राज्य सचिवालय में बैठक के दौरान राज्य के स्वास्थ्य, सिंचाई, आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के सचिव भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर को लेकर सतर्क रहने का निर्देश दिया गया.

जिलाधिकारियों के साथ राज्य सरकार ने डीवीसी को भी आगाह किया है और पानी छोड़ने से पहने राज्य को सूचित करने के लिए कहा है. बाढ़ की स्थिति को लेकर जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि राहत सामग्री आवंटन को लेकर कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए. पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए. राहत सामग्री को विभिन्न स्थानों पर संग्रहित करना होगा, साथ ही पर्याप्त मात्रा में ओआरएस और एंटीवेनम रखना होगा. मुख्य सचिव ने कहा है कि जहां भी सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं, वहां त्वरित मरम्मत की व्यवस्था करनी होगी.

गौरतलब है कि एक ओर, द्वारकेश्वर, गंधेश्वरी, शिलावती, कंसाबती जैसी नदियां बारिश के कारण उफान पर थीं. इसके अलावा, डीवीसी के बांधों द्वारा पानी छोड़े जाने से राज्य के तीन ज़िलों – बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी. डीवीसी ने मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़ा है, इसके परिणामस्वरूप, कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई पुल पानी में डूब गये हैं, यहां तक कि कई राज्य सड़कें भी पानी में डूब गयी हैं. शनिवार की बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया.

मुख्य सचिव ने घाटाल की परिस्थिति पर भी की चर्चा : शनिवार को बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने घाटाल की परिस्थिति को लेकर भी चर्चा की. बताया गया है कि भारी बारिश के बाद बांधों से पानी छोड़े जाने पर घाटाल के कई हिस्सों में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गयी है. इसे लेकर मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारी को सतर्क करते हुए आवश्यक तैयारियां करने का निर्देश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIJAY KUMAR

लेखक के बारे में

By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola