ePaper

आर्थिक तंगी और रेस में गंवाये पैसे ने लील ली तीन जिंदगियां

Updated at : 18 Jun 2025 10:29 PM (IST)
विज्ञापन
आर्थिक तंगी और रेस में गंवाये पैसे ने लील ली तीन जिंदगियां

कसबा के राजडांगा मेन रोड स्थित गोल्ड पार्क में रहने वाले सरजीत भट्टाचार्य, उनकी पत्नी गार्गी भट्टाचार्य और बेटा आयुष्मान भट्टाचार्य सोमवार शाम से मंगलवार सुबह के बीच आत्महत्या कर ली. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें तीनों के नाम हैं और साथ ही अंतिम संस्कार को लेकर उनकी 'अंतिम इच्छा' भी दर्ज है.

विज्ञापन

कोलकाता.

सीमित आमदनी, बढ़ता खर्च और आर्थिक तनाव ने कोलकाता के एक पूरे परिवार को ऐसी कगार पर ला खड़ा किया, जहां से उन्होंने मौत को गले लगाने का रास्ता चुन लिया.

कसबा के राजडांगा मेन रोड स्थित गोल्ड पार्क में रहने वाले सरजीत भट्टाचार्य, उनकी पत्नी गार्गी भट्टाचार्य और बेटा आयुष्मान भट्टाचार्य सोमवार शाम से मंगलवार सुबह के बीच आत्महत्या कर ली. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें तीनों के नाम हैं और साथ ही अंतिम संस्कार को लेकर उनकी ””अंतिम इच्छा”” भी दर्ज है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाना बताया गया है और किसी तरह की बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं.

आर्थिक तंगी बनी आत्मघाती कदम का कारण

लिस सूत्रों के अनुसार, सरजीत भट्टाचार्य छोटी-मोटी नौकरी के अलावा बीमा एजेंसी और जमीन की दलाली का काम करते थे. साथ ही वह रेस (घुड़दौड़) में पैसे लगाते थे, जिसमें उन्होंने काफी पैसा गंवाया. उनकी आमदनी घर खर्च चलाने के लिए नाकाफी थी और धीरे-धीरे परिवार कर्ज और मानसिक तनाव में डूबता चला गया.20 साल पहले उन्होंने कसबा के बकुलतला में अपना मकान बेच दिया था और उस पैसे से कुछ समय तक गुजारा किया. लेकिन वह भी धीरे-धीरे खत्म हो गया. उनका बेटा आयुष्मान दिव्यांग था, जिसका इलाज भी आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा था.

आत्महत्या की योजना पहले से थी तैयार

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह आत्महत्या पूर्व-नियोजित थी. सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि वे भगवान के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं और आत्मा की शांति के लिए तीनों का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किये जाने की इच्छा जतायी गयी है. पुलिस यह पता लगाने के लिए सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच कर रही है कि इसे किसने लिखा.

रिश्तेदार को सौंपे गये तीनों शव

पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव गार्गी भट्टाचार्य की मौसेरी बहन के बेटे, जो पश्चिम बंगाल पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं, को सौंप दिये गये. उन्होंने ही तीनों की अंतिम इच्छा के अनुसार एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किया. डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, आत्महत्या सोमवार दोपहर से मंगलवार सुबह के बीच किसी समय हुई. सोमवार को घर की नौकरानी अपने काम से चली गयी थी और घटना की योजना उससे पहले ही बन चुकी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIJAY KUMAR

लेखक के बारे में

By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola