हाइकोर्ट के फैसले से शिक्षकों ने ली राहत की सांस

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हाइकोर्ट के फैसले से शिक्षकों ने ली राहत की सांस

यह फैसला आने के बाद हावड़ा डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एजुकेशन काउंसिल के कार्यालय में शिक्षकों की भीड़ देखी गयी.

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हावड़ा. कलकत्ता हाइकोर्ट की डिविजन बेंच ने बुधवार को प्राइमरी के 32 हजार शिक्षकों की नौकरी बहाल रखने का फैसला सुनाया. कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षकों ने राहत की सांस ली है. यह फैसला आने के बाद हावड़ा डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एजुकेशन काउंसिल के कार्यालय में शिक्षकों की भीड़ देखी गयी. सांकराइल के मोहियारी रानीबाला कुंडू चौधरी प्राइमरी स्कूल की शिक्षक प्रियंका धारा ने कहा कि उनकी मां 2015 से किडनी की बीमारी से जूझ रही हैं. उन्हें नौकरी की सख्त जरूरत थी. 2017 में नौकरी मिली थी, लेकिन इसके बाद सिंगल बेंच ने नियुक्ति में अनियमितता का कारण बताते हुए नौकरी रद्द करने का आदेश दे दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद परेशानी बहुत बढ़ गयी थी. मां का इलाज कराना असंभव हो रहा था. बुधवार को कोर्ट ने अंतत राहत दे दी. सच की जीत हुई है. वहीं, बटतला प्राइमरी स्कूल की शिक्षक देबायन मजुमदार ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक जीत है. इस फैसले से नयी उम्मीद जगी है. वहीं, काउंसिल के चेयरमैन कृष्णा घोष ने कहा कि सिंगल बेच का फैसला गलत था और यह राजनीतिक साजिश थी. मालूम रहे कि हाइकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश व भाजपा सांसद अभिजीत गांगुली ने नौकरी रद्द करने का फैसला सुनाया था.

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