राहुल ने किया राष्ट्रपति मुर्मू से हस्तक्षेप करने का आग्रह

New Delhi: Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi during the Budget session of Parliament, in New Delhi, Wednesday, March 26, 2025. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI03_26_2025_000112B)
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से जुड़े मामले में दखल दें व सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करें कि निष्पक्ष तरीकों से चुने गये अभ्यर्थियों को सेवा जारी रखने की अनुमति मिले.
नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से जुड़े मामले में दखल दें व सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करें कि निष्पक्ष तरीकों से चुने गये अभ्यर्थियों को सेवा जारी रखने की अनुमति मिले. राहुल गांधी ने सात अप्रैल की तिथि वाले पत्र में कहा : मैं बंगाल में उन हजारों योग्य स्कूली शिक्षकों के मामले में आपके हस्तक्षेप का अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं, जिन्होंने न्यायपालिका द्वारा शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने के कारण अपनी नौकरी खो दी है. प्रभावित शिक्षकों के लिए मंच ‘शिक्षक-शिक्षिका अधिकार मंच’ के प्रतिनिधिमंडल ने मुझे मामले से अवगत कराया और विशेष रूप से मुझसे आपको लिखने का अनुरोध किया.
उन्होंने कहा : कलकत्ता हाइकोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पायीं व पूरी प्रक्रिया को अमान्य घोषित कर दिया था. तीन अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा. फैसले के बाद से शिक्षकों के साथ-साथ बर्खास्त किये गये कर्मचारियों ने भी समाधान की उम्मीद लगभग छोड़ दी है. उनके मुताबिक, दोनों निर्णयों में पाया गया कि कुछ उम्मीदवार बेदाग थे, जिनका चयन उचित तरीकों से किया गया था, और कुछ दागी, जो अनुचित तरीकों से चुने गये थे. राहुल गांधी ने कहा : दागी और बेदाग दोनों शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. भर्ती के दौरान किये गये किसी भी अपराध की निंदा की जानी चाहिए और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. हालांकि निष्पक्ष तरीके से चयनित शिक्षकों के साथ दागी शिक्षकों के समान व्यवहार करना एक गंभीर अन्याय है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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