स्थायी कर्मचारी ही बन सकेंगे बूथ लेवल ऑफिसर

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस पद पर ग्रुप डी श्रेणी के सरकारी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी और ना ही किसी संविदा कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी.
कोलकाता. चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की नियुक्ति के नियम और भी सख्त कर दिए हैं. स्थायी सरकारी कर्मचारी के अलावा किसी अन्य को बूथ लेवल ऑफिसर के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकेगा. इतना ही नहीं, ग्रुप सी या उससे ऊपर के स्तर पर कार्यरत किसी भी सरकारी कर्मचारी को यह जिम्मेदारी देनी होगी. राष्ट्रीय चुनाव आयोग के निर्देश सोमवार को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की ओर से जिले को भेजे गये. चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस पद पर ग्रुप डी श्रेणी के सरकारी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी और ना ही किसी संविदा कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी. स्थायी सरकारी कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने पर आंगनबाड़ी सेविका, संविदा पर कार्यरत शिक्षक या केंद्र सरकार के कार्यालयों के कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी जा सकेगी.
उस स्थिति में निर्वाचक निबंधन अधिकारियों को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से यह प्रमाण पत्र लेना होगा कि स्थायी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि बूथ लेवल अधिकारियों की नियुक्ति ईआरओ ही करते हैं. आयोग ने 20 जून तक इस आदेश पर क्रियान्वयन रिपोर्ट तलब की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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