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नियुक्ति घोटाले में नया खुलासा तीन सूची बनाने का था निर्देश

Updated at : 30 Oct 2025 12:14 AM (IST)
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नियुक्ति घोटाले में नया खुलासा तीन सूची बनाने का था निर्देश

स्पेशल सीबीआइ कोर्ट में चौंकाने वाली जानकारियां आयीं सामने

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पूर्व मंत्री परेश अधिकारी और उनकी बेटी का नाम भी आया सामने कोलकाता. पश्चिम बंगाल के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में एसएससी के जरिये हुई नियुक्तियों के घोटाले मामले में बुधवार को अलीपुर अदालत स्थित स्पेशल सीबीआइ कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान चौंकाने वाली जानकारियां सामने आयीं. गवाहों के बयान में खुलासा हुआ कि उम्मीदवारों के नामों को तीन अलग-अलग सूचियों — ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ में बांटने का निर्देश स्वयं आयोग के तत्कालीन चेयरमैन अशोक साहा ने दिया था. सूत्रों के अनुसार, गवाहों ने बताया कि इस निर्देश में कहा गया था कि ‘ए’ सूची में उन उम्मीदवारों के नाम होंगे, जिन्हें सीधा नियुक्त किया जायेगा, ‘बी’ सूची में उन लोगों के नाम होंगे, जिन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा जायेगा, और ‘सी’ सूची में उन उम्मीदवारों के नाम होंगे, जिन्हें पूरी तरह बाहर कर देना है. अलीपुर अदालत में बुधवार को दो गवाहों ने बयान दिये- ध्रुव चक्रवर्ती, जो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गंगोपाध्याय के निजी सहायक रह चुके हैं और प्रीतम दास, जो बोर्ड में अस्थायी कर्मचारी थे. प्रीतम ने अदालत को बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बोर्ड में अशोक साहा का एक पत्र आया था, जिसमें उम्मीदवारों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने का आदेश दिया गया था. बाद में एक और पत्र आया, जिसमें कहा गया कि ‘सी’ सूची से चार नाम हटाकर ‘ए’ सूची में जोड़े जायें. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इन चार नामों का बाद में क्या हुआ. दूसरे गवाह ध्रुव चक्रवर्ती ने कहा कि 2019 के बाद से बोर्ड में कई गुप्त चिट्ठियां सीधे अध्यक्ष के पास जाती थीं. उन्हें इन पत्रों को खोलने से भी मना किया गया था. उन्होंने बताया कि एक बार अध्यक्ष ने 630 नामों की सूची तैयार करवाई थी और कहा था कि भर्ती से जुड़ा काम देर रात तक चल सकता है. गवाही के दौरान पूर्व मंत्री परेश अधिकारी और उनकी बेटी अंकिता अधिकारी का नाम भी सामने आया. ध्रुव ने अदालत को बताया कि उन्होंने दोनों को बोर्ड के दफ्तर में आते देखा था. उन्हें अध्यक्ष के कमरे में ले जाया गया और बाद में वह नियुक्ति सेल में भी गये थे, जहां वह कुछ देर तक रहे. हालांकि, उनके बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी गवाह ने नहीं दी. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को इसी मामले में सीबीआइ के वकील और अभियुक्तों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई थी, लेकिन बुधवार को अदालत का माहौल अपेक्षाकृत शांत रहा. अदालत में तीन दिनों से लगातार सुनवाई चल रही है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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