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पाक एजेंट के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले 200 से अधिक लोग इडी के रडार पर

Updated at : 06 Jun 2025 8:36 PM (IST)
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पाक एजेंट के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले 200 से अधिक लोग इडी के रडार पर

संदिग्धों में पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक भी हो सकते हैं शामिल

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संदिग्धों में पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक भी हो सकते हैं शामिल

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के मामले में अपनी जांच तेज कर रहा है. इस गिरोह के सरगना पाकिस्तानी नागरिक आजाद मल्लिक उर्फ आजाद हुसैन की गिरफ्तारी के बाद अब इडी की नजर उन लोगों पर है, जिन्होंने उसकी मदद से भारतीय पासपोर्ट हासिल किये हैं. सूत्रों के मुताबिक, इडी को 200 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों का पता चला है, जिन्होंने आजाद की मदद से जाली दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाये हैं. जांच एजेंसी ने इन संदिग्धों तक पहुंचने के लिए अभियान शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने उत्तर 24 परगना के बिराटी और कुछ अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया है. हालांकि, इस संबंध में इडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इडी को संदेह है कि आजाद द्वारा पासपोर्ट हासिल करने वालों में कुछ ऐसे लोग भी हो सकते हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान स्थित कट्टरपंथी या आतंकवादी संगठनों से है. ऐसी भी आशंका है कि आजाद ने जिन लोगों के लिए फर्जी दस्तावेज बनाये, उनमें से कई पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश या नेपाल के रास्ते घुसपैठ कर भारत आये थे. भारत में घुसपैठ के बाद इन लोगों ने आजाद के एजेंट नेटवर्क के जरिए उससे संपर्क किया और फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट जैसे दस्तावेज प्राप्त किये.़

केंद्रीय जांच एजेंसी अब इन सभी संदिग्धों की पहचान कर उनके ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है. एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार कहीं आतंकी फंडिंग या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी किसी बड़ी साजिश से तो नहीं जुड़े हैं. यह भी पता चला है कि बांग्लादेश में रहते हुए आजाद ने अवैध तरीके से वहां के भी पहचान पत्र बनवा लिये थे. वहां रहने के दौरान उसने भारत आने के लिए वीजा का आवेदन भी किया था, जिसे संबंधित विभाग से मंजूरी भी मिल गयी थी. इडी ने देश के विदेश मंत्रालय के संबंधित विभाग से भी संपर्क साधा है, ताकि यह पता चल सके कि बांग्लादेश में रहते हुए आजाद के भारतीय वीजा के आवेदन को मंजूरी कैसे मिली थी.

आजाद के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम करने की भी आशंका है, इसलिए उससे जुड़ी तमाम जानकारियां इडी की जांच के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. गौरतलब है कि पिछले अप्रैल में इडी ने फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच के दौरान उत्तर 24 परगना के बिराटी से आजाद को गिरफ्तार किया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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