मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा इडी की विशेष अदालत में हुए पेश

पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा मंगलवार को राज्य के प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में कोलकाता स्थित प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए.
संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा मंगलवार को राज्य के प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में कोलकाता स्थित प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए. सूत्रों के अनुसार, मंत्री सिन्हा के खिलाफ इडी ने अदालत में कुछ नये दस्तावेज व सबूत पेश किये हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि मंत्री ने अवैध तरीके से नियुक्ति के इच्छुक उम्मीदवारों से करीब आठ लाख रुपये की रिश्वत ली थी. कुल 159 उम्मीदवारों से यह रकम लिये जाने की आशंका है, जो कुल मिलाकर लगभग 12.72 करोड़ रुपये बैठती है. सूत्रों के अनुसार, इडी ने अदालत में बीरभूम स्थित जमीनों से जुड़े कागजात और कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी पेश की है. साथ ही मंत्री से केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में पूछताछ को अहम बताया. इस पर मंत्री के वकील ने इडी द्वारा पेश किये गये तथ्यों को लेकर जवाब देने के लिए कुछ दिनों का वक्त मांगा. अदालत ने यह मांग मानते हुए अगली सुनवाई की तारीख शनिवार तय की है.
गौरतलब है कि प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल युवा कांग्रेस नेता कुंतल घोष के घर से इडी अधिकारियों को नौकरी के करीब 100 उम्मीदवारों की एक सूची मिली थी. सूत्रों के अनुसार, घोष से पूछताछ में मंत्री सिन्हा का नाम भी सामने आया था. इसके बाद मंत्री के आवास पर इडी ने छापेमारी की थी.
जहां से करीब 41 लाख रुपये व कुछ दस्तावेज बरामद किये गये थे. मामले में इडी की ओर से अदालत में दाखिल की गयी चार्जशीट में मंत्री सिन्हा का नाम भी शामिल किया गया है. इसी महीने सिन्हा ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था और बाद में सशर्त जमानत पा ली थी. अदालत ने साफ कहा था कि वह कोलकाता और अपने विधानसभा क्षेत्र बोलपुर से बाहर नहीं जा सकते और जांच में सहयोग करना होगा. अब सबकी नजरें शनिवार की सुनवाई पर टिकी हैं. क्या मंत्री अपने वित्तीय संबंधी तथ्यों का जवाब अदालत को देंगे, या फिर उनकी जमानत रद्द होने का खतरा मंडरायेगा?
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