मंत्री ब्रात्य बसु ने की एसएससी की परीक्षा पद्धति की सराहना

Kolkata: West Bengal Education Minister and director of the film 'Dictionary', Bratya Basu interacts with media, in Kolkata, Thursday, Nov 11, 2021. The film 'Dictionary' was first included for the International Film Festival of India (IFFI), but later dropped. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI11_11_2021_000147B)
शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) को प्रशंसा पत्र दिया है. उन्होंने दावा किया कि एसएससी ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित की.
कोलकाता. शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) को प्रशंसा पत्र दिया है. उन्होंने दावा किया कि एसएससी ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित की. प्रश्नपत्र के साथ कार्बन पेपर भी दिये गये. गुरुवार को शिक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि एसएससी ने जिस तरह से परीक्षा आयोजित की, वैसा देश में कहीं और नहीं हुआ. पुराना पैनल रद्द कर दिया गया है. फिर नौकरी चाहनेवालों का एक वर्ग नयी परीक्षा के भविष्य को लेकर भी चिंतित है. उस माहौल में शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) को प्रमाण पत्र देते हुए दावा किया कि एसएससी ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित की. प्रश्नपत्र के साथ कार्बन पेपर भी दिया गया. शिक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि एसएससी ने जिस तरह से परीक्षा आयोजित की, वैसा देश में कहीं और नहीं हुआ. इसके साथ ही, उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं. ””””””””मुझे नहीं लगता कि कानून या न्याय एक अदालत से दूसरी अदालत या एक न्यायाधीश से दूसरे न्यायाधीश के बीच बदलता है. इस बीच मंत्री ने दावा किया है कि उन्हें उम्मीद है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तय समय में पूरी हो जायेगी. अदालत के निर्देशों के अनुसार काम किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, राज्य सरकार और आयोग 31 दिसंबर तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि वे इसे लेकर आशावादी हैं. ‘मुझे नहीं लगता कि कानून या न्याय अदालत दर अदालत या जज दर जज बदलता है. ध्यान रहे, एक दिन पहले ही एसएससी को सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिली है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि 2016 के पैनल को रद्द करते समय कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों को अयोग्य नहीं माना गया था, उनकी दोबारा परीक्षा ली जाये. इसमें नये उम्मीदवारों का जिक्र नहीं था. एसएससी ने खुद पुराने और नये उम्मीदवारों की एक साथ परीक्षा ली थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि एक भी दागी, अयोग्य उम्मीदवार को नौकरी नहीं दी जा सकती. कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने भी यही बात कही थी. साफ कहा गया था कि अगर किसी का नाम दागी, अयोग्य उम्मीदवारों की सूची में है, तो चाहे वह कोई खास काबिल उम्मीदवार ही क्यों न हो, नयी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पायेगा. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि हर दागी, अयोग्य उम्मीदवार को बाहर किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीदवारों को अनुभव के लिए दिये जाने वाले 10 अंकों को रद्द करने या न करने पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि, उस मुद्दे के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी भर्ती से जुड़े सभी मामलों को वापस कलकत्ता हाइकोर्ट भेज दिया है. इसी संदर्भ में शिक्षा मंत्री ने एएससी की परीक्षा पद्धति की सराहना की.
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