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जमीन न मिलने से रुकी हुई हैं कई रेल परियोजनाएं

Updated at : 18 Mar 2025 12:59 AM (IST)
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जमीन न मिलने से रुकी हुई हैं कई रेल परियोजनाएं

उन्होंने यात्रियों को दी जा रही सब्सिडी पर कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत 1.38 रुपये है, पर यात्रियों से मात्र 73 पैसा ही लिये जाते हैं. यानी 47 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है.

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राज्यसभा में रेल मंत्री ने दी जानकारी

कोलकाता/ नयी दिल्लीरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने यात्रियों को दी जा रही सब्सिडी पर कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत 1.38 रुपये है, पर यात्रियों से मात्र 73 पैसा ही लिये जाते हैं. यानी 47 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. उन्होंने आगे कहा कि भारतीय रेल यात्रियों को किफायती किराये पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल कर रही है. जहां हमारे देश में रेलवे का किराया आस-पास के देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के रेल किराए से भी कम है, तो वहीं पश्चिमी देशों में रेल किराया भारत की अपेक्षा 10-20 गुना अधिक है. हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है.

रेल मंत्री ने कहा कि हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है. यही वजह है कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में ढाई गुना अधिक बढ़ायी जा रही है.

रेल परियोजनाओं को पूरा करने में सहयोग करें राज्य सरकारें

इस दौरान रेलमंत्री ने बंगाल सहित कुछ अन्य राज्यों में जमीन नहीं मिलने के कारण रुकी हुई परियनाओं का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में मेट्रो या रेल का काम भूमि विवाद के कारण बार-बार रुका हुआ है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री ने संसद में कहा, “हर परियोजना में बहुत मेहनत करनी पड़ती है. आसानी से जमीन नहीं मिलती. नंदीग्राम में हमें काम शुरू करने में तीन साल लग गये. हमें कई समस्याओं से निपटना पड़ा है. ” वहां कानून व्यवस्था की भी समस्या है. ” रेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 1972 से अब तक 42 वर्षों में कोलकाता मेट्रो का मात्र 28 किलोमीटर का निर्माण हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से अब तक कोलकाता मेट्रो की 38 किलोमीटर लाइनें बनायी जा चुकी हैं.

इस दौरान रेलमंत्री ने जोका-बीबीडी बाग के मेट्रो परियोजना और बैरकपुर-बारासात मेट्रो परियोजनाओं में जमीन संबंधी मामलों का भी जिक्र करते हुए राज्य सरकार से सहयोगात्मक रुख अपने का आग्रह किया. रेलमंत्री ने इस दौरान राज्य की मुख्यमंत्री का नाम लिये बगैर कहा कि मैं आपके खिलाफ शिकायत नहीं कर रहा हूं, मैं आपसे और अधिक सहयोग की मांग कर रहा हूं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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