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20 को पश्चिम बंगाल दिवस मनाना अस्वीकार्य : सीएम

Updated at : 18 Jun 2025 11:10 PM (IST)
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20 को पश्चिम बंगाल दिवस मनाना अस्वीकार्य : सीएम

ख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे राज्य का स्थापना दिवस कब मनाया जायेगा, यह कोई और कैसे तय कर सकता है. पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस कब मनाया जायेगा, वह यहां की सरकार तय करेगी.

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कोलकाता.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 20 जून को पश्चिम बंगाल दिवस मनाये जाने का विरोध किया है. बुधवार को राज्य सचिवालय नबान्न भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की ओर से राज्य के मुख्य सचिव को पत्र देकर 20 जून को यहां पश्चिम बंगाल दिवस मनाने की बात कही गयी है. इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे राज्य का स्थापना दिवस कब मनाया जायेगा, यह कोई और कैसे तय कर सकता है. पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस कब मनाया जायेगा, वह यहां की सरकार तय करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया था और उक्त प्रस्ताव के अनुसार, पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस पोइला बोइशाख के दिन मनाने की बात कही गयी है. राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए राज्य गान भी पेश किया है, इसलिए पश्चिम बंगाल के आंतरिक मामलों में बाहरी राज्यों की दखलअंदाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पोइला बोइशाख के दिन ही पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस मनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि 20 जून को 1947 को पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश को अलग-अलग विभक्त गया था, लेकिन यह आजादी से पहले की बात है. देश आजाद होने के बाद इसका कोई औचित्य नहीं है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्थापना दिवस के अवसर पर देश के प्रत्येक राजभवन में इसका पालन करने का निर्देश दिया गया है.

ओबीसी आरक्षण में देरी से नियुक्ति प्रक्रिया हो रही प्रभावित

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओबीसी की नयी सूची पर हाइकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा व माकपा द्वारा ओबीसी सूची का राजनीतिक कारणों से विरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि ओबीसी सूची लंबित होने के कारण पुलिस, शिक्षक, स्कूल-कॉलेज में नियुक्तियां लंबित पड़ी हुई हैं. उन्होंने फिर दावा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसी धर्म के नाम पर ओबीसी सूची तैयार नहीं की, बल्कि पिछड़ेपन को मानदंड मानते हुए ऐसा किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मंडल आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए हमने नयी ओबीसी आरक्षण सूची तैयार की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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