संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) के चेयरमैन सिद्धार्थ मजूमदार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सोमवार को टेंटेड (अयोग्य या दागी) और अनटेंटेड (बेदाग यानी जो सही प्रक्रिया से नियुक्त हुए) अभ्यर्थियों की एक आंशिक सूची जारी की जा सकती है. इनमें वे याेग्य अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जिन्हें अप्रैल में वेतन मिलना है. इससे पहले, तीन अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा संचालित व सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताया था. इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए राज्य सरकार ने समय-सीमा को बढ़ाने की मांग की थी. राज्य सरकार के आवेदन को स्वीकार करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने समयसीमा को 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया. हालांकि, शीर्ष अदालत ने दलीलों पर गौर करते हुए कहा कि उसने केवल बेदाग शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ायी है और राज्य सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों के ग्रेड ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा. कोर्ट ने शर्तें बताते हुए कहा कि नयी नियुक्ति के लिए विज्ञापन 31 मई या उससे पहले प्रकाशित करनी होगी और परीक्षा समेत पूरी प्रक्रिया इस वर्ष 31 दिसंबर तक पूरी करनी होगी.वहीं, शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने घोषणा की थी कि एसएससी कानूनी सलाह लेने के बाद दो सप्ताह में योग्य व अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची, 22 लाख ओएमआर शीट की प्रति के साथ जारी करेगा. यह निर्णय एसएससी प्रतिनिधियों, शिक्षा मंत्री और अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया था. नियमानुसार, एसएससी को 21 अप्रैल को यह सूची जारी करना था. इस बारे में एसएससी के चेयरमैन सिद्धार्थ मजूमदार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार फिलहाल सोमवार को एक आंशिक सूची जारी की जायेगी, जिसमें उन अयोग्य या दागी और बेदाग यानी योग्य अभ्यर्थियों की लिस्ट होगी. सिद्धार्थ मजूमदार ने बताया कि शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद मुद्दे पर काम हो रहा है. लेकिन जब तक लीगल क्लैरीफिकेशन नहीं मिलता, वह पूरी सूची जारी नहीं कर सकते. कानूनी परामर्श व विभाग के निर्देशानुसार ही एसएससी काम करेगा.
आज एसएससी भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन
योग्य शिक्षक-शिक्षिका अधिकार मंच की शिक्षिका शर्मिष्ठा दुआरी ने कहा कि सोमवार को हजारों की संख्या में शिक्षक एसएससी भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे. जब तक एसएससी योग्य-अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर या संचार माध्यम पर जारी नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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