संवाददाता, कोलकाता
जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में हिजाब को लेकर उठे विवाद की जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. सोमवार को कमेटी के सदस्यों ने अंग्रेजी स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा और संबंधित विभागीय प्रधान से बातचीत की. सूत्रों के अनुसार, बर्दवान विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर सैयद तनवीर नसरीन की अगुवाई में गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को एक सिफारिश पत्र भी सौंपा है. पत्र में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक विभागीय प्रधान शाश्वती हलदर का विश्वविद्यालय न आना ही बेहतर होगा. इस संबंध में वाइस चांसलर चिरंजीव भट्टाचार्य ने मीडिया को बताया कि वह मंगलवार को सिफारिश पत्र का अध्ययन करने के बाद ही कोई आवश्यक कदम उठायेंगे.
उल्लेखनीय है कि 22 दिसंबर को परीक्षा के दौरान विभागीय प्रधान ने अंग्रेजी स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा को बुलाया था. छात्रा अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित है. विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के दौरान नकल के आरोपों के मद्देनजर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी. इसी क्रम में छात्रा ने यह दिखाने के लिए अपना हेडस्कार्फ हटाया था कि उसके पास कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद विभागीय प्रधान ने छात्रा से माफी मांगी और उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गयी. साथ ही, उसे 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया. इस घटना के विरोध में 24 दिसंबर को कॉन्वोकेशन समारोह के बाद कुछ छात्रों ने प्रदर्शन किया था. मामले की शिकायत अल्पसंख्यक आयोग में भी दर्ज करायी गयी और विभागीय प्रधान को हटाने की मांग उठी. इसके बाद इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रोफेसर सैयद तनवीर नसरीन के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया.
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