राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे को विधानसभा में उठायेगी आइएसएफ

इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता और भांगड़ से विधायक नौशाद सिद्दीकी ने भाजपा और पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाये.
विधायक नौशाद सिद्दीकी ने दी जानकारी
संवाददाता, कोलकाता
इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता और भांगड़ से विधायक नौशाद सिद्दीकी ने भाजपा और पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाये. उन्होंने विधानसभा में चर्चा के मुद्दों और राज्य की सुरक्षा स्थिति पर भी अपनी बात रखी. नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि विधानसभा में चर्चा के लिए जो विषय तय किये जायेंगे, उन पर विपक्ष अपनी राय रखेगा. जीरो आवर और कॉलिंग अटेंशन जैसे मौकों पर भी आइएसएफ अपने मुद्दे उठायेगी. उन्होंने कहा, “हमारी सेना ने जो बहादुरी दिखाई, उस पर चर्चा होगी. इसके लिए दो घंटे का समय रखा गया है, जिसमें एक घंटा विपक्ष के लिए और एक घंटा सत्तारूढ़ पार्टी के लिए होगा. हम भी इसमें शामिल होंगे और अपनी बात रखेंगे. ” हालांकि, सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि उनकी चर्चा का फोकस ””””ऑपरेशन सिंदूर”””” या भारतीय सेना पर नहीं, बल्कि देश और खासकर पश्चिम बंगाल की सुरक्षा पर होगा. लोग देश की सुरक्षा की बात तो करते हैं, लेकिन बंगाल की सुरक्षा का क्या? एक थाने का इंचार्ज और उसका परिवार भी सुरक्षित नहीं है. फिर हम कश्मीर बॉर्डर की सुरक्षा की बात कैसे करें? ” नौशाद सिद्दीकी ने भाजपा नेता सुकांत मजूमदार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें कुछ अहम सवालों का जवाब देना चाहिए. उन्होंने पूछा, “बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों का मालिक कौन है? ये लोग भाजपा को कितना फंड देते हैं? इसकी जानकारी सुकांत मजूमदार को सार्वजनिक करनी चाहिए. ” सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा को इन सवालों का जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. आइएसएफ विधानसभा में इन सवालों को उठाकर सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी.
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