ePaper

अलीपुर चिड़ियाघर में गर्मी से बचाव के लिए लस्सी पी रहे चिम्पांजी, पंखे की हवा में सो रहे बाघ व शेर

Updated at : 12 May 2025 11:17 PM (IST)
विज्ञापन
अलीपुर चिड़ियाघर में गर्मी से बचाव के लिए लस्सी पी रहे चिम्पांजी, पंखे की हवा में सो रहे बाघ व शेर

गर्मी से राहत के लिए चिड़ियाघर में भालू और कंगारूओं के घरों में गर्मी कम करने के लिए कूलर चलाये जा रहे हैं. बाघ और शेर पंखे की हवा में सो रहे हैं. चिम्पांजी दही और लस्सी खा रहे हैं. पक्षी एवं सांप पिंजरों में स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी का छिड़काव किया जा रहा है.

विज्ञापन

कोलकाता.

पिछले कई दिनों के कोलकाता समेत पूरे दक्षिण बंगाल में भीषण गर्मी पड़ रही है. कई जिले लू की चपेट में हैं. अगर कोलकाता की बात करे तो महानगर में दिन का तापमान 40 डिग्री के आस-पास रह रहा है. कोलकाता में लू चल रही है. शहर के निवासी भीषण गर्मी में हांफ रहे हैं. ऐसे में इस गर्मी ने इंसान ही नहीं जानवर भी परेशान नजर आ रहे हैं. कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में इसकी एक बानगी देखने को मिली. ऐसे में गर्मी से जानवरों के बचाव के लिए अलीपुर चिड़ियाघर के निवासी जानवरों का खास ध्यान रखा जा रहा है.

गर्मी से राहत के लिए चिड़ियाघर में भालू और कंगारूओं के घरों में गर्मी कम करने के लिए कूलर चलाये जा रहे हैं. बाघ और शेर पंखे की हवा में सो रहे हैं. चिम्पांजी दही और लस्सी खा रहे हैं. पक्षी एवं सांप पिंजरों में स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी का छिड़काव किया जा रहा है.बता दे कि जैसे-जैसे मौसम गर्म होता जा रहा है, बाघ और शेर के दैनिक भोजन मेनू में मांस की मात्रा कम कर दी गयी है. चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, सर्दियों में प्रति बाघ और शेरों को लगभग 11 किलो मांस दिया जाता है. अब उन्हें करीब आठ किलो मांस परोसा जा रहा है. इसके साथ गर्मी से बचाव के लिए इन जानवरों को पीने के लिए ओआरएस और तनाव रोधी दवाएं भी दी जा रही हैं. वहीं गर्मी के दिनों में पक्षी अधिक बीमार पड़ते हैं. ऐसे में चिड़िघार के पक्षियों को सूरज की गर्मी से बचाने के लिए पिंजरों को पुआल से ढक दिया गया है. चिड़ियाघर के कर्मचारी वहां प्रतिदिन स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव कर रहे हैं. चिम्पांजी और भालुओं का आहार भी बदल गया है. चिम्पांजी को खाने में अब अधिक खीरा और तरबूज दिया जा रहा है. सुबह फलों के रस के साथ लस्सी और दही परोसा जा रहा है. यहां तक कि अब भालुओं को भी दही चावल दिया जा रहा है. चिड़ियाघर में सुस्त भालुओं के अलावा हिमालयी भालू भी हैं. इन हिमालयी भालुओं के खाचों में कूलर लगाये गये हैं. उनके घरों को ठंडा रखने के लिए बर्फ भी उपलब्ध करायी गयी है. बाघ, चीता, जगुआर, हाथी और चिम्पांजी गर्मी से बचने के लिए हर दिन नहलाया जा रहा है.

बता दे कि गर्मियों के दौरान चिड़ियाघर में आगंतुकों की संख्या बहुत कम होती है. गिने चुने लोग ही चिड़ियाघर जाते हैं. लेकिन चिड़ियाघर में रहने वाले जानवर इस भीषण गर्मी में अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. ऐले में दर्शक पिंजरे के सामने जाकर चिल्ला रहे हैं, ताकि जानवर उन्हें देखने को मिले.

गर्मी के कारण जानवरों के आहार में बदलाव : प्रबंधन

अलीपुर चिड़ियाघर के निदेशक अरुण मुखर्जी ने बताया कि गर्मी के मौसम में जानवरों के आहार में बदलाव किया गया है. बाघ और शेर के दिये जाने वाले मांस की मात्रा कम कर दी गयी है. चिम्पांजियों को अधिक खीरे और तरबूज दिये जा रहे हैं. उन्हें फलों का रस, लस्सी और दही भी दिया जा रहा है. पशुओं के पिंजरों में ओआरएस पानी उपलब्ध कराया गया है. पशु भी भीषण गर्मी से परेशान होते हैं. इसलिए उन्हें हर दिन नहलाया जा रहा है. पक्षियों के पिंजरों में दिन में दो बार पानी छिड़का जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIJAY KUMAR

लेखक के बारे में

By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola