ममता बनर्जी पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी गंभीर आरोप : भाजपा

Updated at : 15 Jan 2026 11:19 PM (IST)
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ममता बनर्जी पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी गंभीर आरोप : भाजपा

भाजपा ने कोलकाता स्थित आइ-पैक परिसर में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को कथित तौर पर बाधित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर एक ‘गंभीर आरोप’ करार दिया.

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कोलकाता

. भाजपा ने कोलकाता स्थित आइ-पैक परिसर में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को कथित तौर पर बाधित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर एक ‘गंभीर आरोप’ करार दिया. केंद्र में सत्तारूढ़ और बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोयला तस्करी और धनशोधन के आरोपियों को बचाने के लिए राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल किया.

भाजपा का यह बयान शीर्ष अदालत द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी में बाधा डालने के आरोप को ‘बेहद गंभीर’ बताये जाने के बाद आया. शीर्ष अदालत ने इस बात की सुनवाई करने पर सहमति जतायी कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं.

भाजपा में पश्चिम बंगाल मामलों के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर एक गंभीर आरोप है. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने ‘कड़ी’ टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिका में राज्य एजेंसियों द्वारा इडी की जांच में कथित हस्तक्षेप के गंभीर मुद्दे उठाये गये हैं. मालवीय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि न्यायालय ने चेतावनी दी है कि गंभीर आर्थिक अपराधों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालने से अराजकता फैल सकती है. उन्होंने कहा कि जब कोई मुख्यमंत्री कोयला तस्करी और धनशोधन के आरोपियों को बचाने और केंद्रीय एजेंसियों को डराने-धमकाने के लिए राज्य मशीनरी का इस्तेमाल करता है, तो उच्चतम न्यायालय का हस्तक्षेप अपरिहार्य हो जाता है.

तृणमूल के शासन में बंगाल में जंगल राज

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों और इडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए करारा तमाचा करार दिया. उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल में जंगल राज है.

भाजपा की एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों को सुश्री बनर्जी और उनकी सरकार के लिए बड़ा झटका करार दिया. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की सुचिता की अवहेलना करने के उनके निरंतर रवैये को भी संज्ञान में लिया गया. भाटिया के साथ संवाददाता सम्मेलन में मौजूद इल्मी ने कहा कि ममता बनर्जी आज जनता और कानून दोनों की अदालत में पूरी तरह से बेनकाब और पराजित हो चुकी हैं. अब उनके मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है. भाटिया ने आरोप लगाया कि इडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी आइ-पैक के परिसर में जबरन दाखिल हो गयीं, जांच अधिकारियों को धमकाया और कथित कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले के सबूत चुरा लिये. उन्होंने कहा : इनकी गुंडागर्दी देखिये. कलकत्ता उच्च न्यायालय में इस मामले से संबंधित एक याचिका की सुनवाई से पहले, तृणमूल कांग्रेस के आइटी प्रकोष्ठ ने अपने गुंडों को वॉट्सएप संदेश भेजकर अदालत कक्ष के अंदर बुलाया.

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