एक करोड़ मंत्रोच्चारण से होगी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा

Purba Medinipur: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee reviews preparations for the inauguration of the Lord Jagannath temple, at Digha, in Purba Medinipur district, West Bengal, Monday, April 28, 2025. (PTI Photo)(PTI04_28_2025_000196B)
पूर्व मेदिनीपुर जिले में दीघा के समुद्र तट के समीप ओडिशा के पुरी के तर्ज पर नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होगा. मंदिर के उद्घाटन समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. मंगलवार को मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जायेगा, जिसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं.
दीघा से अमर शक्ति
पूर्व मेदिनीपुर जिले में दीघा के समुद्र तट के समीप ओडिशा के पुरी के तर्ज पर नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होगा. मंदिर के उद्घाटन समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. मंगलवार को मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जायेगा, जिसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. बताया गया है कि मंदिर के अंदर भगवान जगन्नाथ की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा एक करोड़ मंत्रोच्चारण के साथ की जायेगी. हालांकि, मंदिर प्रांगण में पिछले सात दिनों से पूजा-अर्चना व महायज्ञ का कार्यक्रम चल रहा है. सोमवार को मंदिर परिसर में अश्व यज्ञ का आयोजन किया गया. खास बात यह है कि मंदिर में हो रहे मंत्रोच्चारण से पूरा दीघा गूंज उठा है. चारों ओर मंदिर के घंटों और उल्लू ध्वनि की आवाज सुनायी दे रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगी. प्राण प्रतिष्ठा के लिए पुरी जगन्नाथ मंदिर के राजेश दयितापति और इस्कॉन के प्रतिनिधि राधा रमण दास यहां पहुंच चुके हैं. इससे पहले पूरे दीघा में उत्सव का माहौल बन गया है. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही घोषणा की है कि मंदिर के उद्घाटन के बाद इसके संचालन व रखरखाव का दायित्व इस्कॉन को सौंप दिया जायेगा.उद्घाटन समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के मद्देनजर दीघा में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गयी है. यहां लगभग 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल यहां लाये गये हैं. दीघा गेट और ओडिशा सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गयी है.
मंदिर प्राधिकारियों के अनुसार, यद्यपि जगन्नाथ मंदिर का आधिकारिक उद्घाटन अक्षय तृतीया के दिन होगा, लेकिन अनुष्ठान कुछ दिन पहले ही शुरू हो गये थे. पिछले गुरुवार से ही चार तालाबों के बीच महाकुंड जलाकर करीब एक करोड़ मंत्रों के जाप के उद्देश्य से यज्ञ चल रहा है. गर्भगृह में दीप जलाकर देवता का आह्वान किया जा रहा है. भगवान जगन्नाथ के विराजमान मंच की पूजा पहले ही समाप्त हो चुकी है. जगन्नाथ, बलराम, सुभद्रा और सुदर्शन का दुग्ध स्नान संपन्न हो चुका है. लक्ष्मी, विमला और सत्यभामा सहित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी दूध से स्नान कराया गया.रंगीन रोशनी से जगमग है मंदिर के साथ-साथ पूरा दीघा
जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन को लेकर मंदिर परिसर से लेकर सभी रास्तों को सजाया गया है. ओल्ड दीघा से न्यू दीघा तक का पूरा इलाका रंगीन रोशनी से जगमगा रहा है. बताया गया है कि दीघा को सजाने में लगभग 200 मजदूरों ने काम किया. दीघा की सजावट के लिए एसएमडी लाइट का उपयोग किया गया है. बताया गया है कि एसएमडी लाइट के प्रकाश की चमक बहुत अधिक है और इससे बिजली की खपत भी बहुत कम होती है. दीघा में प्रवेश द्वार से लेकर जहाजघर तक कुल आठ बड़े प्रकाश के पोस्ट लगाये गये हैं. दीघा की सजावट का काम चंदननगर के लाइटिंग आर्टिस्ट जयंत दास और उनकी टीम ने किया है. उन्होंने कहा कि लाइटिंग की संरचनाओं को बनाने में उनके कारीगरों ने महीनों तक अथक परिश्रम किया है. जगन्नाथ देव, मंदिर, शंख, विभिन्न पूजा सामग्री आदि को लाइटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है. इसमें नयी तरह की लाइट का इस्तेमाल किया गया है, जो काफी चमकदार हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को ही दीघा पहुंच गयी हैं.राज्यभर की नजरें अब बुधवार को होने वाले उद्घाटन समारोह पर टिकी हुई हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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