प्रतिनिधि, हुगली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 जनवरी को प्रस्तावित सिंगूर दौरे से पहले सभा स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. जिस जमीन पर पीएम की सभा प्रस्तावित है, उसे जबरन लेने का आरोप लगाया गया है. इसे लेकर स्थानीय किसानों व जमीन मालिकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है. जानकारी के अनुसार, गुरुवार तक कुल 26 लोगों ने अपनी जमीन सभा के लिए देने से साफ इनकार कर दिया है. इनमें छह लोगों ने बुधवार और 20 लोगों ने गुरुवार को बीडीओ और स्थानीय थानेदार को लिखित रूप में आपत्ति दर्ज करायी है.
इस मुद्दे पर गुरुवार शाम सिंगूर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के कृषि विपणन विभाग के मंत्री बेचाराम मन्ना ने आरोप लगाया कि किसानों की सहमति के बिना जमीन लेने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि सिंगूर तृणमूल कांग्रेस और सिंगूर कृषि जमीन रक्षा कमेटी की ओर से इस कदम का कड़ा विरोध किया जा रहा है.
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों और जमीन मालिकों की सहमति के बिना किसी भी स्थिति में कृषि भूमि का उपयोग स्वीकार नहीं किया जायेगा और इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा.
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