कोलकाता.
राज्य में एक और महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की बुधवार सुबह मौत हो गयी. घटना मालदा जिले की इंग्लिशबाजार नगरपालिका के फुलबारी पाकुरतला इलाके में हुई. परिवार का आरोप है कि उस पर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) के काम का दबाव था. उसी दबाव के कारण वह बीमार पड़ गयीं. मृतक का नाम संप्रीता चौधरी सान्याल बताया गया है. उनका घर पाकुरतला इलाके में था. वह पेशे से आशाकर्मी थीं. संप्रीता इंग्लिशबाजार नगरपालिका इलाके के वार्ड नंबर 15 के बूथ नंबर 163 पर बीएलओ का काम संभाल रही थीं. परिवार के सूत्रों के मुताबिक वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं. चिकित्सा भी चल रही थी. बुधवार सुबह घर पर ही मौत हो गयी. परिवार के लोगों ने बताया कि डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी थी. लेकिन काम के बोझ के कारण उन्हें आराम करने का मौका नहीं मिला. खबर मिलते ही इंग्लिशबाजार नगरपालिका के वार्ड नंबर 15 की तृणमूल पार्षद गायत्री घोष मृतका के घर गयीं. उन्होंने मौत के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया. वहीं, दक्षिण मालदा सांगठनिक जिला के भाजपा अध्यक्ष अजय गंगोपाध्याय ने कहा कि कोई भी मौत दुखद है. लेकिन चुनाव आयोग को दोषी ठहराना ठीक नहीं है. तृणमूल के नेता बीएलओ पर ज्यादा दबाव डाल रहे हैं, इससे ही दिक्कत पैदा हो रही है. बता दें कि राज्य में एसआइआर चरण में अब तक सात बीएलओ की मौत हो चुकी है.एसआइआर के डर से मुर्शिदाबाद में बुजुर्ग काे दिल का दौरा, हुई मौत
दूसरी ओर, मंगलवार को मुर्शिदाबाद के नउदा ब्लॉक की बाली एक ग्राम पंचायत में एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गयी. मृतक का नाम मोजम्मेल शेख उर्फ कालू बताया गया है. परिवार का दावा है कि वोटर कार्ड और 2002 की वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ियां थीं. उनका नाम सही नहीं पाया गया था. गलती को ठीक करने के लिए 31 दिसंबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया था. सुनवाई से लौटने के बाद वह बीमार पड़ गये. उन्हें इस बात का डर था कि दस्तावेज में गलती के कारण उनका नाम कट सकता है और उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है. मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

