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उद्योग जगत के लिए एआइ चुनौती के साथ अवसर भी : केंद्रीय मंत्री

Updated at : 28 Jun 2025 11:26 PM (IST)
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उद्योग जगत के लिए एआइ चुनौती के साथ अवसर भी : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उद्योग 4.0 के युग पर बात की. एआइ को एक चुनौती और अवसर दोनों के रूप में वर्णित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से डिजिटल होती अर्थव्यवस्था की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए 1961 के आइटी अधिनियम में संशोधन और सरलीकरण की दिशा में काम कर रही है.

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कोलकाता

. महानगर सहित पूरे पश्चिम बंगाल में कारोबार व उद्योग के विकास के लिए उद्यमी सम्मेलन मेला 2025 का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन शनिवार को नेशनल लाइब्रेरी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय विधि व न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने किया. बताया गया है कि यह भारत सरकार द्वारा उद्यमिता को बढ़ावा देने, इज ऑफ डुइंग बिजनेस और एमएसएमइ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए किये जा रहे प्रयासों का हिस्सा है. लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्वी क्षेत्र के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, उद्योग हितधारक और उद्यमी शामिल हुए.

इस कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उद्योग 4.0 के युग पर बात की. एआइ को एक चुनौती और अवसर दोनों के रूप में वर्णित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से डिजिटल होती अर्थव्यवस्था की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए 1961 के आइटी अधिनियम में संशोधन और सरलीकरण की दिशा में काम कर रही है. श्री मेघवाल ने क्षेत्रीय न्यायिक पहुंच के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और आश्वासन दिया कि सिलीगुड़ी में कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक स्थायी सर्किट बेंच की मांग को प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है.

इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए रेलवे प्रणाली का विकास प्राथमिक आवश्यकता है. रेलवे के लिए आवंटन भी 2019-20 के एक लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2019-20 के 1.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है. पश्चिम बंगाल में रेलवे के विकास पर रेल मंत्री ने कहा कि न्यू जलपाईगुड़ी-कोलकाता रेल कॉरिडोर को विश्व मानक के अनुसार विकसित किया जायेगा. नयी रेलवे लाइन, गति शक्ति कार्गो टर्मिनल आदि को जोड़ने के लिए मास्टर प्लान बनाया गया है. श्री वैष्णव ने आर्थिक विकास को गति देने में रेलवे क्षेत्र की भूमिका पर विशेष ध्यान आकर्षित किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम के डॉ शुभ्रांग्शु शेखर आचार्य, पद्मश्री सज्जन भजनका, प्रकाश चंद्र सहित अन्य भी मौजूद थे.

आरबीएमपी ने हावड़ा से राजस्थान के लिए ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने का किया आग्रह

इस मौके पर राजस्थान बंगाल मैत्री परिषद (आरबीएमपी) ने हावड़ा से राजस्थान के लिए ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने का आग्रह किया है. आरबीएमपी के उपाध्यक्ष एडवोकेट नारायण जैन ने रेल मंत्री से मुलाकात की और उनसे हावड़ा/सियालदह से राजस्थान के लिए ट्रेनों की आवृत्ति और विस्तार बढ़ाने का आग्रह किया. परिषद ने दुरंतो एक्सप्रेस सियालदह बीकानेर 12259/12260, हावड़ा जैसलमेर सुपर फास्ट एक्सप्रेस 12371/12372 को रोजाना चलाने की मांग की है. साथ ही कई ट्रेनों के गंतव्य स्थानाें का भी विस्तार करने का आवेदन किया है. परिषद ने सियालदह अजमेर सुपर फास्ट एक्सप्रेस 12987 को उदयपुर तक बढ़ाने और श्यामजी खाटू और सालासर के लिए एक नयी ट्रेन शुरू करने का भी आग्रह किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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