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आपातकालीन सेवाएं समय पर पहुंचतीं, तो लोगों की मौतें कम होतीं : शुभेंदु

Updated at : 03 May 2025 1:23 AM (IST)
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आपातकालीन सेवाएं समय पर पहुंचतीं, तो लोगों की मौतें कम होतीं : शुभेंदु

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मध्य कोलकाता में स्थित रितुराज होटल में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या अधिक नहीं होती अगर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लायी जाती.

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विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी किया घटनास्थल का दाैरा

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मध्य कोलकाता में स्थित रितुराज होटल में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या अधिक नहीं होती अगर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लायी जाती. उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना में 15 लोग मारे गये, क्योंकि दमकलकर्मी वाहन देर से पहुंचे. श्री अधिकारी ने कहा कि होटल स्थानीय जोरासांको थाने के काफी नजदीक है. उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचने में देरी की.

शुभेंदु अधिकारी ने बड़ाबाजार के मछुआ फलमंडी स्थित रितुराज होटल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि अगर बचाव और राहत कार्य तेजी से किया गया होता तो मौत का आंकड़ा इतना अधिक नहीं होता. उन्होंने दावा किया कि चूंकि पूरी सरकार दीघा में थी, इसलिए होटल में ठहरे अन्य राज्यों के लोगों और अन्य प्रभावित लोगों को ‘हेल्पलाइन’ जैसी आवश्यक आपातकालीन सेवाएं समय पर नहीं मिल सकी. उन्होंने बुधवार को जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन करने के लिए पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की यात्रा की ओर इशारा किया. शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पार्षद सजल घोष और विजय ओझा सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पीड़ितों के रिश्तेदारों को सहायता प्रदान की. उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से तभी प्रतिक्रिया दीं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और मृतकों एवं घायलों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की. भाजपा नेता ने दावा किया कि दिसंबर 2011 में एएमआरआइ (एडवांस्ड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) अस्पताल में हुई आगजनी की घटना सहित कई बड़ी घटनाओं के बावजूद कोलकाता के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अवैध निर्माण के कारण आग लगने की घटनाएं हुईं और सरकार एवं नगर निकायों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ नहीं किया. एएमआरआइ अस्पताल में आग लगने की घटना में 90 से अधिक लोगों की जान चली गयी थी. उन्होंने आश्चर्य जताया कि अगर कोलकाता में ऐसी घटना हो सकती है, तो जिले के अन्य शहरों में आग लगने की ऐसी घटना होने पर क्या होगा. श्री अधिकारी ने दावा किया कि होटल में आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी, लेकिन उसे बेखौफ होकर कारोबार जारी रखने की अनुमति दी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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