डीवीसी ने राज्य को बिना बताये छोड़ा पानी

विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को केंद्र सरकार के द वाटर ( प्रिवेंशन एंड कंट्रोल पॉल्यूशन) संशोधन कानून 2024 को अपनाने के संबंध में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया.
कोलकाता. विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को केंद्र सरकार के द वाटर ( प्रिवेंशन एंड कंट्रोल पॉल्यूशन) संशोधन कानून 2024 को अपनाने के संबंध में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया. सदन में राज्य वित्त व पर्यावरण राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस प्रस्ताव को रखा. हालांकि सत्र के अखिरी दिन भाजपा के विधायक इसमें शामिल नहीं हुए. इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदन को संबंधित किया. उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल सहित राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पर कहा कि बार-बार याद दिलाने व अनुरोध के बावजूद केंद्र के अधीन दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) मैथन और पंचेत में अपने बांधों की ड्रेजिंग नहीं करवा रहा. उन्होंने डीवीसी पर बंगाल सरकार को सूचित किये बिना बरसात के मौसम में अपने बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने का आरोप को दोहराया. ममता ने सदन में दावा किया कि डीवीसी बिना सूचित किये पानी छोड़ रहा है. उसने अपने बांधों की कई वर्षों से ड्रेजिंग तक नहीं की है. अब डीवीसी के पास अपने बांधों में महज एक लाख क्यूसेक पानी जमा करने की ही क्षमता है. ममता ने कहा कि अगर वे नियमित रूप से ड्रेजिंग आपरेशन करते हैं, तो उनके बांधों में और चार लाख क्यूसेक पानी जमा हो सकता था.
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