जमीन देनेवाले ने हाइकोर्ट में दायर की याचिका
कोलकाता. पंप हाउस की स्थापना के लिए जमीन देनेवालों को राेजगार का अवसर देने का वादा करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली. आरोप है कि रोजगार देने के वादे के साथ भूमि अधिग्रहण किया गया, लेकिन अब भूमिदाता के परिवार के स्थान पर अन्य लोगों को नौकरी दी जा रही है. ऐसा ही वाकया संदेशखाली ब्लॉक एक के कालीनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई है. इसे लेकर जमीनदाताओं ने ग्राम पंचायत की कार्यवाहक प्रधान सुनीता बोर और उनके पति भोलानाथ बोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की है. बताया गया है कि करीब पांच साल पहले क्षेत्र के निवासी भास्कर चंद्र पंडा ने संदेशखाली ब्लॉक नंबर 1 के अंतर्गत कालीनगर ग्राम पंचायत के घटिहरा क्षेत्र में पंप हाउस के निर्माण के लिए लोक स्वास्थ्य तकनीकी विभाग को एक बीघा से अधिक जमीन दी थी. विभाग की ओर से बताया गया था कि तीन कट्ठा जमीन देने वाले परिवार में एक सदस्य व 32 शतक जमीन देने वाले परिवार के दो सदस्यों को नौकरी प्रदान की जायेगी. पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्होंने योजना के लिए 34 शतक जमीन दी थी. बताया गया है कि भास्कर चंद्र पांडा के बेटे और उनके भतीजे बिप्लब पांडा को जमीन में साझेदार के रूप में नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन आरोप है कि उन्हें अब तक उन नौकरियों से वंचित रखा गया है. उनकी मांग है कि या तो उन्हें नौकरी दी जाए या फिर उनकी जमीन का हिस्सा वापस किया जाये. उनका कहना है कि इस घटना के बारे में उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रधान कार्यालय से लेकर पीएचई, उप-जिला मजिस्ट्रेट और यहां तक कि जिला मजिस्ट्रेट को भी पत्र लिखा है.
लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. इसलिए अब उन्होंने हाइकोर्ट का रुख किया है और न्याय की गुहार लगायी है.
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