ePaper

बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के दोषी की फांसी की सजा उम्रकैद में बदला

Updated at : 19 Jun 2025 1:44 AM (IST)
विज्ञापन
बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के दोषी की फांसी की सजा उम्रकैद में बदला

यह घटना 20 जुलाई, 2013 को कोलकाता के खिदिरपुर इलाके में हुई थी.

विज्ञापन

कम से कम 50 वर्ष तक जेल में रहने के बाद सजा में छूट का आवेदन कर पायेगा दोषी

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के दोषी सुरेश पासवान को मिली मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश देबांग्शु बसाक और न्यायाधीश शब्बर रशीदी की खंडपीठ को बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मामला ””””””””रेयरेस्ट ऑफ द रेयर”””””””” की श्रेणी का नहीं लगा. ट्रायल कोर्ट ने बच्ची से निर्मम व्यवहार के दोषी सुरेश पासवान को मौत की सजा सुनायी थी.

क्या है मामला

यह घटना 20 जुलाई, 2013 को कोलकाता के खिदिरपुर इलाके में हुई थी. बच्ची अपने परिवार के साथ एक फ्लाईओवर के नीचे सोयी थी. इस बीच, सुरेश पासवान उसे उठा ले गया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी. बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की घटना के गवाहों ने ट्रायल कोर्ट को बताया था कि घटना के दिन दोषी को पीड़ित के रहने की जगह के आसपास घूमते देखा था. उसी दिन बच्ची लापता हुई थी. उसी दिन रात में करीब एक बजे गवाहों ने सुरेश पासवान को गोद में बच्ची को ले जाते देखा था. दोषी सुरेश पासवान कोलकाता रॉयल टर्फ क्लब में घोड़ों के साईस का काम करता था. उस पर बच्ची को अगवा करने, दुष्कर्म करने और जान लेने का आरोप लगा था. उसने मौत की सजा पर कलकत्ता हाइकोर्ट में अपील की थी.

क्या कहा हाइकोर्ट ने

मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाइकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के हालात ये नहीं दिखाते कि ये पहले से सुनियोजित था या पीड़ित के परिवार और दोषी के बीच पुरानी रंजिश थी. हाइकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही तमाम मामलों को घृणित माना है, लेकिन मौत की सजा सही नहीं मानी है. बेंच ने कहा : हम ऐसा नहीं पाते कि मामला ””रेयरेस्ट ऑफ द रेयर”” की श्रेणी में आता हो और मौत की सजा दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि इस वजह से दोषी को उम्रकैद की सजा दी जाती है. पीड़ित की उम्र को देखते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट की बेंच ने कहा कि दोषी को कम से कम 50 साल जेल में रहना होगा, जिसके बाद वह सजा से छूट की अपील कर सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola