कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के पर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के स्कूल इंस्पेक्टर (डीआइ) का वेतन रोक देने का निर्देश दिया है. अदालत ने एक मृत शिक्षक की पत्नी को सेवानिवृत्त का लाभ देने में देरी करने के लिए डीआइ का वेतन रोक देने का आदेश दिया है. मंगलवार को न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि जब तक मृत शिक्षक की पत्नी को सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिलता है, तब तक डीआइ का वेतन रुका रहे. पश्चिम मेदिनीपुर के बौलासिनी विवेकानंद हाइस्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक देवब्रत हाइट ने रिटायरमेंट के बाद बकाया रकम नहीं मिलने पर मामला दर्ज कराया था. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अर्जी देने के बावजूद पश्चिम मेदिनीपुर के डीआइ अमित रॉय ने कुछ नहीं किया. मामले के दौरान ही पीड़ित की मौत हो गयी. उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी अपर्णा हाइट ने कोर्ट में नये सिरे से आवेदन किया. मामला पिछले साल 25 नवंबर को दर्ज हुआ. न्यायमूर्ति सिन्हा ने आदेश दिया था कि पिछले साल 30 दिसंबर तक वादी को सभी बकाये और रिटायरमेंट के लाभ दे दिये जायें. पर, हाइकोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ. मंगलवार को मृत शिक्षक की पत्नी अदालत पहुंचीं. उन्होंने अदालत को सारी बातें बतायीं. इसके बाद न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि एक शिक्षक जीवन भर सरकारी कार्य में शामिल रहने के बावजूद रिटायरमेंट लाभ से वंचित रखा जा रहा है. उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी को भी वंचित किया जा रहा है. इसे लेकर अदालत चुप नहीं रह सकती. उन्होंने कहा कि पश्चिम मेदिनीपुर के डीआइ का वेतन तब तक नहीं मिलेगा, जब तक वादी का काम पूरा नहीं हो जाता.
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