कलकत्ता हाइकोर्ट की खंडपीठ का निर्देश- जांच पर नहीं लगेगी रोक जल्द दाखिल की जाए चार्जशीट
संवाददाता, कोलकातादाड़ीभीट मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ही करेगी. कलकत्ता हाइकोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को इस संबंध में राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगायी जायेगी.न्यायमूर्ति सव्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति सुप्रतीम भट्टाचार्य की डिवीजन बेंच ने एनआइए को निर्देश दिया कि वह जांच जल्द पूरी कर अंतिम रिपोर्ट और चार्जशीट दाखिल करे. खंडपीठ ने कहा कि चूंकि इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, इसलिए जांच को राज्य पुलिस के अधीन रखना उचित नहीं होगा. गौरतलब है कि इससे पहले हाइकोर्ट की एकल पीठ ने मामले की जांच राज्य पुलिस से हटाकर एनआइए को सौंप दी थी. इसी आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार खंडपीठ में गयी थी. राज्य सरकार ने दलील दी थी कि मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की कोई आवश्यकता नहीं है और एकल पीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की थी. हालांकि, मंगलवार को सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने दोनों ही मांगों को खारिज कर दिया और साफ कर दिया कि जांच एनआइए ही करेगी. मामला 20 सितंबर 2018 का है, जब उत्तर दिनाजपुर जिले के दाड़ीभीट स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर तनाव फैल गया था. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी. आरोप है कि इसी दौरान पुलिस फायरिंग में स्कूल के दो पूर्व छात्र तापस बर्मन और राजेश सरकार की मौत हो गयी थी. हालांकि, पुलिस ने फायरिंग की बात से इनकार किया था. घटना के बाद मामले की सीबीआइ जांच की मांग उठी थी, लेकिन हाइकोर्ट ने एनआइए से जांच कराने का निर्देश दिया था. इससे पहले सीआइडी की जांच को लेकर अदालत ने नाराजगी जतायी थी और सवाल उठाया था कि घटना की जांच पूरी करने में चार साल क्यों लगे? हाइकोर्ट ने सीआइडी की रिपोर्ट पर भी असंतोष व्यक्त किया था.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

