तृणमूल कांग्रेस के पार्षद और उनके बेटे का दावा, मंदिर में गांजा पीया जा रहा था
प्रतिनिधि, हुगली.
शिवरात्रि पूजा के अवसर पर कोन्नगर बारो मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन इसी दौरान वहां विवाद खड़ा हो गया. आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस की पार्षद अंजलि बंद्योपाध्याय और उनके बेटे श्रीकांत बंद्योपाध्याय ने पूजा करने आयी एक युवती से दुर्व्यवहार किया और एक युवक को धक्का देकर बाहर निकाल दिया.
क्या हुआ था विवाद?
रिसड़ा की रहने वाली सोहिनी भट्टाचार्य शिवरात्रि के मौके पर पूजा करने मंदिर पहुंची थीं. इसी दौरान वार्ड नंबर 6 की पार्षद अंजलि बंद्योपाध्याय से उनकी बहस हो गया. पार्षद ने युवती से उनकी पहचान पूछी और यह जानना चाहा कि क्या वह उन्हें पहचानती हैं. जब सोहिनी ने उन्हें नहीं पहचाना, तो पार्षद कथित रूप से नाराज हो गयीं और वार्ड के कुछ युवकों को बुला लिया.
पार्षद का बेटा श्रीकांत बंद्योपाध्याय भी इस विवाद में कूद पड़ा. जब युवती के साथ दुर्व्यवहार किया जाने लगा, तो वहां मौजूद युवक शांतनु नाथ ने विरोध किया. इस पर पार्षद के बेटे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शांतनु को धक्का देकर बाहर निकाल दिया. युवती इस घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रही थीं, लेकिन पार्षद ने उनका फोन छीनने की कोशिश की. मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी इस घटना को देखा. बाद में, सोहिनी और शांतनु ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी को सूचना दी और उत्तरपाड़ा थाने में शिकायत दर्ज करायी.
पार्षद और उनके बेटे की सफाई
इस मामले में पार्षद अंजलि बंद्योपाध्याय और उनके बेटे ने सफाई देते हुए कहा कि मंदिर में कुछ लोग गांजा पी रहे थे और जबरन चंदा वसूली कर रहे थे. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने दावा किया कि चूंकि नगर पालिका ही मंदिर की देखभाल करती है, तो बाहरी लोग वहां चंदा क्यों वसूल रहे थे? इसी मुद्दे पर विवाद हुआ और युवक को बाहर निकाला गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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