अनिकेत के इस्तीफे के बाद जूनियर डॉक्टर फ्रंट में विवाद चरम पर
Published by : GANESH MAHTO Updated At : 04 Jan 2026 1:31 AM
उन्होंने सीनियर रेजिडेंट (एसआर) पोस्ट को छोड़ने का निर्णय लिया है.
कोलकाता. आरजी कर आंदोलन के प्रधान चेहरा डॉ अनिकेत महतो के वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से ही संगठन कमजोर पड़ते दिख रहा है. हालंकि, अनिकेत ने सीधे किसी के खिलाफ शिकायत नहीं की है. उन्होंने सीनियर रेजिडेंट (एसआर) पोस्ट को छोड़ने का निर्णय लिया है. ऐसे अब जूनियर डॉक्टर फ्रंट में चल रही अंदरूनी कलह खुल कर सामने आ गयी है. ऐसे में फ्रंट के एक और नेता डॉ अशफाकुल्ला नैया ने अपने पुराने साथी अनिकेत के इस्तीफे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबे पोस्ट में इस बात का जिक्र किया. उन्होंने एतराज जताते हुए लिखा है कि कोई भी व्यक्ति अकेले अपने दम पर किसी आंदोलन या संगठन को नहीं चला सकता. अगर अनिकेत एसआर पद छोड़ना ही चाहते थे, तो हम आपस में बात करके खुद 30 लाख रुपये एकत्र कर लेते. बता दें कि डॉक्टर को एक अनुबंध के तहत एसआर पद पर काम करना होता है. अगर सरकार के साथ हुए अनुबंध को तोड़ा जाता है, तो इसके लिए चिकित्सक को 30 लाख रुपये सरकार के खाते में जमा करना होगा.
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