पेन डाउन कर सकते हैं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर
Published by : GANESH MAHTO Updated At : 04 Jan 2026 1:32 AM
पश्चिम बंगाल में विभिन्न हेल्थ सेंटर्स में कार्यरत करीब 400 से ज्यादा आयुर्वेद, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) पिछले तीन वर्षों से मात्र 20 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं.
संगठन का दावा : अन्य राज्यों के मुकाबले बंगाल में वेतन काफी कम कोलकाता. आयुर्वेद के नाम पर आज देश में कई बड़ी कंपनियों चिकित्सक क्षेत्र में करोड़ों का कारोबार कर रही हैं. पर इसी देश में आयुर्वेद की पढ़ाई कर चिकित्सक बने युवा मात्र 20 हजार रुपये के वेतन पर अस्थायी नौकरी करने को मजबूर हैं. पश्चिम बंगाल में विभिन्न हेल्थ सेंटर्स में कार्यरत करीब 400 से ज्यादा आयुर्वेद, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) पिछले तीन वर्षों से मात्र 20 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं. ऐसे में अब ये चिकित्सक पेन डाउन करने पर विचार कर रहे हैं. बता दें कि आयुष सीएचओ हेल्थ सेंटरों के इंचार्ज होते हुए टेलीमेडिसिन, मातृ व शिशु स्वास्थ्य सेवा, नियमित टीकाकरण, हाइपरटेंशन व डायबिटीज सहित कई गैर-संचारी रोगों का उपचार, प्राथमिक लैब टेस्ट, मुफ्त दवा वितरण, संक्रमण जनित रोगियों की देखरेख व आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च केंद्रों में रेफर करने जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं. इसके अलावा, ये चिकित्सक एएनएम नर्स, कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट और आशाकर्मियों के कार्यों की भी निगरानी करते हैं. इन चिकित्सकों का दावा है कि इतने महत्वपूर्ण कार्य करने के बाद भी उनके वेतन में वृद्धि नहीं हो रही है, जबकि अन्य राज्यों में इसी पद पर अधिक वेतन दिया जा रहा है. इस संबंध में वेस्ट बंगाल सीएचओ (आयुष एमओ) एसोसिएशन के राज्य सचिव शेख मोहम्मद तौसिफ ने बताया कि इस पद पर कार्य करने वाले चिकित्सकों को दूसरे राज्य जैसे हरियाणा में 76 हजार, बिहार में 45 हजार, मध्य प्रदेश में 28,700 रुपये, जबकि गुजरात और असम में 40 हजार रुपये तक वेतन मिलता है.
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