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आदिवासियों के विकास की सीएम ने गिनायीं उपलब्धियां

Updated at : 22 Dec 2025 10:49 PM (IST)
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आदिवासियों के विकास की सीएम ने गिनायीं उपलब्धियां

संताली भाषा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर संताली समुदाय सहित सभी आदिवासी भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार के लिए गर्व की बात है कि उनके कार्यकाल में संताली भाषा को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया.

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कोलकाता.

संताली भाषा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर संताली समुदाय सहित सभी आदिवासी भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार के लिए गर्व की बात है कि उनके कार्यकाल में संताली भाषा को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि संताली भाषा को डब्ल्यूबीसीएस परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया गया है. अलचिकी लिपि में पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन किया गया है तथा संताली भाषा में त्रिभाषिक शब्दकोश भी प्रकाशित किये गये हैं. संताली माध्यम से पढ़ाई के लिए नये स्कूल खोले गये हैं. इसके अलावा, आदिवासियों के विकास के लिए आठ विकास परिषदों का गठन किया गया है और संताली अकादमी की स्थापना भी की गयी है. उन्होंने कहा कि सरना/सारी धर्म को मान्यता देने के उद्देश्य से राज्य विधानसभा में विधेयक पारित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विगत साढ़े 14 वर्षों में संताली समुदाय सहित राज्य के सभी आदिवासियों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं. आदिवासी विकास के लिए अलग विभाग का गठन किया गया है और वर्ष 2011 की तुलना में इस विभाग के बजट में सात गुना से अधिक की वृद्धि की गयी है. उन्होंने बताया कि राज्य में आदिवासियों की भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए विशेष उपाय किये गये हैं.

‘जय जोहार’ योजना के तहत लगभग तीन लाख आदिवासियों को प्रति माह एक हजार रुपये की पेंशन दी जा रही है. इसके साथ ही, करीब साढ़े 19 लाख अनुसूचित जनजाति जाति प्रमाणपत्र जारी किये गये हैं. ‘शिक्षाश्री’ योजना के तहत कक्षा पांच से आठ तक के लगभग दो लाख अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को 800 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत करीब 49 हजार आदिवासियों को व्यक्तिगत वन पट्टे तथा 851 सामुदायिक वन पट्टे दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि लगभग 36 हजार गरीब आदिवासी केंदु पत्ता संग्राहकों के लिए विशेष सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की गयी है और केंदु पत्ते का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाया गया है. इसके अलावा, 700 से अधिक जाहेर थान और 1,500 से अधिक माझी थान का विकास कर उनकी चारों ओर फेंसिंग की गयी है.

ममता बनर्जी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है. पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर स्टेट हॉलिडे, हुल दिवस पर सेक्शनल हॉलिडे तथा पवित्र करम पूजा पर सेक्शनल के बजाय स्टेट हॉलिडे घोषित किया गया है. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि आने वाले दिनों में भी उनकी सरकार आदिवासी भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास के लिए इसी तरह कार्य करती रहेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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