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डीवीसी से बार-बार पानी छोड़ने से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति : ममता

Updated at : 15 Jul 2025 11:13 PM (IST)
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डीवीसी से बार-बार पानी छोड़ने से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति : ममता

लगातार बारिश व दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़ने को लेकर राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबान्न में अधिकारियों के साथ बाढ़ की समस्या को लेकर बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डीवीसी पर अपना गुस्सा निकाला.

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कोलकाता.

लगातार बारिश व दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़ने को लेकर राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबान्न में अधिकारियों के साथ बाढ़ की समस्या को लेकर बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डीवीसी पर अपना गुस्सा निकाला. ममता ने दावा किया कि यह स्थिति उन्हें सूचित किये बिना बार-बार पानी छोड़े जाने के कारण है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में बार-बार सूचित किया है. इसे लेकर पत्र भी लिखा है. फिर भी कोई काम नहीं हुआ. उन्होंने बंगाल को आर्थिक रूप से वंचित करने का भी आरोप लगाया. बता दें कि लगातार बारिश के कारण राज्य में कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है. पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल में स्थिति विशेष रूप से ज्यादा खराब है. एक बड़ा इलाका जलमग्न है. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीवीसी 18 जून से लगातार पानी छोड़ रहा है. अब तक 27 हजार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि डीवीसी किसी की नहीं सुन रहा है. उन्होंने कहा : मैं खुद प्रधानमंत्री को भी कई बार पत्र लिख चुकी हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि असम को बाढ़ से निबटने के लिए केंद्रीय सहायता मिली, लेकिन बंगाल वंचित है.

मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासन को बाढ़ की स्थिति के बारे में आगाह किया. उन्होंने स्थानीय प्रशासन के उच्चपदस्थ अधिकारियों को इस पर नजर रखने को कहा है. उन्होंने कहा कि तीन सचिव, स्थानीय डीएम और एसपी बाढ़ की स्थिति पर नजर रखेंगे, जहां स्थिति गंभीर है, स्थिति से निबटने के लिए एक नियंत्रण कक्ष खोला जा रहा है. मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करेंगी. ममता ने यह भी कहा कि बाढ़ के दौरान कई बीमारियां देखने को मिलती हैं. स्वास्थ्य विभाग स्थिति से निबटने के लिए प्रभावित इलाकों में दवाइयां भेजेगा. राहत शिविर खोले गये हैं. स्थानीय एसपी और डीएम उन पर नजर रखेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा है कि घाटाल, खानाकुल और झाड़ग्राम पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

घाटाल मास्टर प्लान के बारे में उन्होंने कहा : मुझे उम्मीद है कि घाटाल मास्टर प्लान का काम अगले दो सालों में पूरा हो जायेगा. आपको अब और परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कठिन परिस्थिति में विपक्षी दलों से समर्थन देने को कहा. उन्होंने कहा : किसी भी दल से जुड़े होने के बावजूद उनके साथ खड़े रहें, प्रशासन के काम में बाधा न डालें. ममता ने मीडिया से भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, “सकारात्मक खबरें दें, अफवाहें न फैलाएं.”””” मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल में अभी तक कुछ नहीं हुआ है. जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, मालदा, अलीपुरद्वआर पर नजर रखनी होगी. उनका कहना था कि कुछ नहीं हुआ है, इसका मतलब यह नहीं है कि आगे नहीं होगा. उन्होंने वहां के डीएम व पुलिस अधीक्षक को इसे लेकर सतर्क रहने को कहा. उन्होंने किसानों से कहा कि जिनकी जमीन पानी में डूब गयी है, वह चिंता नहीं करें. फसल बीमा कराया जा चुका है. बीमा को लेकर हर वर्ष सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है. पूरे देश में इस वर्ष धान के उत्पादन में बंगाल पहले स्थान पर है. यह राज्य के किसानों के कारण ही हुआ है. उन्होंने कहा कि बांग्ला आवास योजना के तहत 12 लाख लोगों को रुपये दिये गये हैं. अब और 16 लाख लोगों को दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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