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एक आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर हावड़ा लेकर आयी सिटी पुलिस

Updated at : 24 May 2025 12:23 AM (IST)
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एक आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर हावड़ा लेकर आयी सिटी पुलिस

एक वृद्ध को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 30 लाख रुपये ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कपिल कुमार को हावड़ा सिटी पुलिस नोएडा से लेकर हावड़ा पहुंची है.

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बाकी आरोपियों की भी हो गयी है शिनाख्त, जल्द होंगे गिरफ्तार : डीसी

संवाददाता, हावड़ा.

एक वृद्ध को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 30 लाख रुपये ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कपिल कुमार को हावड़ा सिटी पुलिस नोएडा से लेकर हावड़ा पहुंची है. शुक्रवार आरोपी को हावड़ा के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उसे चार दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया है. यह जानकारी एक संवाददाता सम्मेलन में डीसी (उत्तर) बिशप सरकार ने दी. उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक एक ही गिरफ्तारी हुई है. बाकी आरोपियों की शिनाख्त हो गयी है. वे भी जल्द गिरफ्तार होंगे.

क्या है मामला : डीसी ने बताया कि 76 वर्षीय सेवानिवृत इंजीनियर बेलूड़ थाना अंतर्गत घुसुड़ी इलाके में रहते हैं. इस वर्ष 11 मार्च को व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो कॉल किया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस थाने के एक अधिकारी बताते हुए वृद्ध का डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही. उसने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनके नाम से मामला दर्ज हुआ है. साथ ही मुबंई अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन के दौरान उनका सामान पकड़ा गया है, जो अवैध है. इन दोनों मामलों को रफा-दफा करने के लिए उन्हें 30 लाख रुपये देने होंगे.

फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके व्हाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट का लगा मुहर दस्तावेज भी भेज दिया. इस दस्तावेज में उनके खिलाफ वारंट भी था. 12 मार्च को उस व्यक्ति ने वृद्ध को एक अकाउंट नंबर दिया. इसके बाद उन्होंने उस अकाउंट नंबर पर 30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये. डिजिटल अरेस्ट के भय से वह घर से बाहर नहीं निकले.

इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी के शिकार हुए हैं. 15 मार्च को उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने फौरन जांच शुरू की. डीसी ने बताया कि 6 लाख 17 हजार रुपये फ्रीज करके यह रकम उन्हें सौंप दिया गया. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की. जांच में पुलिस ने पाया कि जिस अकाउंट में रकम पहले ट्रांसफर हुआ था, वह असम का है. इसके बाद वहां से यह रकम नोएडा में ट्रासंफर हुआ है. पुलिस असम पहुंची, लेकिन यहां सफलता नहीं मिली. इसके बाद सिटी पुलिस की टीम नोएडा के गौतम बुद्ध नगर पहुंची और यहां से कपिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया. डीसी ने बताया कि कपिल कुमार महज एक डिलेवरी मैन है. पूछताछ में उसने कबूल किया है कि इस जालसाजी में वह भी शामिल है. डीसी ने कहा कि उस आरोपी की भी पहचान कर ली गयी है, जिसने खुद को कोलाबा पुलिस थाने का अधिकारी बताया था. पुलिस कपिल कुमार से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है. डीसी ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने के बाद वह देर न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्यों कि देर होने से रकम की बरामदगी करने में मुश्किल होती है, क्यों कि जालसाज उस रकम को कई अकाउंट में भेज देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUBODH KUMAR SINGH

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