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विद्यािर्थयों पर सेंसरशिप सही नहीं : ब्रात्य बसु

Updated at : 14 Sep 2025 1:04 AM (IST)
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विद्यािर्थयों पर सेंसरशिप सही नहीं : ब्रात्य बसु

निशाना. राज्य के शिक्षा मंत्री ने सीयू की वीसी को घेरा

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निशाना. राज्य के शिक्षा मंत्री ने सीयू की वीसी को घेरा

कोलकाता. कलकत्ता यूनिवर्सिटी (सीयू) की अंतरिम कुलपति शांता दत्ता एक बार फिर शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के निशाने पर हैं. छात्रों पर सेंसरशिप के बारे में मंत्री ने कहा : विश्वविद्यालय बर्बाद हो गया है. अब छात्रों पर सेंसरशिप हो रही है. यह किसी भी तरह सही नहीं है. अगर छात्र किसी चीज का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने वीसी पर तंज कसते हुए कहा : आप मोर का पंख लगा लेने पर भी कौआ ही रहेंगे न कि मोर बन जायेंगे. ब्रात्य बसु ने अपनी टिप्पणी में तृणमूल नेता अभिरूप चक्रवर्ती का बचाव करते हुए कहा कि शिक्षा युवाओं का अधिकार है. उससे उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता. ध्यान रहे, कलकत्ता विश्वविद्यालय तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर परीक्षाएं स्थगित करने को लेकर विवादों में घिर गया था. वहां की कार्यवाहक कुलपति शांता दत्ता ने स्पष्ट कर दिया था कि परीक्षाएं तय समय पर होंगी. उन्हें स्थगित नहीं किया जा सकता है. इसके बाद, कलकत्ता विश्वविद्यालय के छात्र और तृणमूल छात्र परिषद के महासचिव अभिरूप चक्रवर्ती ने हमले का रास्ता अपनाया. उन्होंने कथित तौर पर कुलपति को अपमानित करने के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया. प्रतिक्रियास्वरूप विश्वविद्यालय ने अभिरूप पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया.

ब्रात्य बसु ने शनिवार को कहा : मुझे नहीं पता कि किन नियमों के मुताबिक ऐसा किया जा सकता है. क्या निजी दुश्मनी के चलते ऐसा हो सकता है? विश्वविद्यालय अखिल भारतीय रैंकिंग में सबसे नीचे है. सीयू को बर्बाद किया जा रहा है. इस तरह छात्रों को निशाना बनाना छात्र समुदाय का अपमान है. ब्रात्य बसु ने इससे पहले भी इस संबंध में शांता दत्ता पर हमला बोला था. छात्रों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र का करियर बर्बाद होता है, तो हम हर तरह से उसके साथ हैं.

शिक्षा मंत्री की टिप्पणी से आहत हूं : वीसी

वहीं, मंत्री की टिप्पणी पर वीसी शांता दत्ता ने कहा : बेहद घटिया भाषा में वाइस चांसलर और उनके पद दोनों का अपमान किया गया है. मैं इससे आहत हूं, लेकिन मैंने कभी भी अनैतिक कार्य नहीं किया है. यूनिवर्सिटी के हित में ही फैसला लिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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