कोलकाता
. महाराष्ट्र में बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर के तपन के निवासी असित सरकार व उसके साथी प्रवासी श्रमिकों को प्रताड़ित किया था. बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी श्रमिकों से मिलने उनके घर पहुंचे. इस समय भाजपा के बूथ अध्यक्ष गौतम बर्मन भी असित सरकार के घर पर मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुश्किल समय में पार्टी उनके साथ खड़ी नहीं हुई. यहां तक कि केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार से भी मदद नहीं मिली. असित सरकार ने कहा कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया था और रिहा करने की शर्त पर उनसे डेढ़ लाख रुपये मांगे गये थे. उस समय उन्होंने स्थानीय भाजपा नेताओं से मदद मांगी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. यह सुन कर अभिषेक ने कहा कि बांग्लादेशी बता कर सभी को जेल में डाल दिया गया था. जब भाजपा से मदद नहीं मिली, तो तृणमूल ने उन्हें मदद पहुंचायी व उन्हें रिहा कराया. उन्होंने कहा कि राजनीति का मतलब लोगों के साथ खड़े रहना है. उन्होंने सुकांत मजूमदार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने वोट देकर जिताया, उनके प्रति क्या उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने मजूमदार को फैशन शो मास्टर व स्टॉपेज मिनिस्टर कह कर कटाक्ष किया. इस दौरान अभिषेक ने बीरभूम की सोनाली खातून का मुद्दा भी उठाया और कहा कि एक गर्भवती महिला के साथ जिस तरह से अत्याचार किया गया, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उसका बस इतना कसूर है कि वह बांग्ला बोलती है. अभिषेक बनर्जी ने राज्य के प्रवासी मजदूरों को भरोसा दिलाया कि वे दूसरे राज्यों में काम करने नहीं जायें. उन्होंने वादा किया कि यहीं पर काम का इंतजाम किया जायेगा. राज्य छोड़ कर ऐसी स्थिति का सामना करना मंज़ूर नहीं है.सुकांत ने किया पलटवार
दूसरी ओर अभिषेक पर निशाना साधते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि लोग जानते हैं कि जब यहां तृणमूल जीती थी, तो यहां क्या-क्या हुआ था. अब मेरे समय में क्या स्थिति है, इससे सभी अवगत हैं. लोग बैलेट बॉक्स में इसका जवाब देंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

