12 तक लेट नहीं, 3 के बाद भेंट नहीं, बंगाल में मनमर्जी से दफ्तर आने वालों की अब खैर नहीं

Author :Ashish Jha
Published by :Ashish Jha
Updated at :13 May 2026 10:30 AM
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12 तक लेट नहीं, 3 के बाद भेंट नहीं, बंगाल में मनमर्जी से दफ्तर आने वालों की अब खैर नहीं

राइटर्स बिल्डिंग

Bengal News: पश्चिम बंगाल में अब मनमर्जी से दफ्तर आने और जाने वालों की खैर नहीं. 12 तक लेट नहीं, 3 के बाद भेंट नहीं का कल्चर खत्म होने जा रहा है. शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने सचिवालय के सभी कर्मचारियों के लिए ऑफिस आने और जाने का समय तय कर दिया है.

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Bengal News: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं, क्योंकि सरकारी ऑफिसों में मनमर्जी से आने-जाने के दिन अब गये. शुभेंदु अधिकारी की सरकार में अब मनमर्जी से आना और दोपहर 12 बजे के बाद ऑफिस में घुसना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. इसे लेकर मंगलवार को राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किया है.

ऑफिस आने-जाने का समय तय

राज्य सरकार के न्यायिक विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए ऑफिस आने-जाने का समय तय कर दिया गया है. हालांकि तकनीकी रूप से पहले भी ऐसे समय निर्धारित थे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इन नये दिशा निर्देशों को जारी करने का मतलब है कि इस बार नियमों को सख्ती से लागू किया जायेगा. ऐसी चर्चा है कि इस नियम को धीरे-धीरे अन्य सरकारी विभागों में भी बढ़ाया जा सकता है.

क्या है सरकारी आदेश

दरअसल मंगलवार को राइटर्स बिल्डिंग में तैनात न्यायिक विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए एक निर्देश जारी किया गया. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सभी को सुबह 10:15 बजे तक ऑफिस पहुंच जाना होगा. किसी को भी शाम 5:15 बजे से पहले ऑफिस छोड़ने की अनुमति नहीं होगी. आधिकारिक अधिसूचना में आगे स्पष्ट किया गया है कि यह निर्देश यह सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है कि सरकार से संबंधित सभी काम कुशलतापूर्वक और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हों.

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क्यों उठाया गया ये कदम

यह बात भी सामने आई है कि ऑफिस के लिए निर्धारित समय होने के बावजूद अब तक उपस्थिति के मामले में सख्ती की साफ कमी थी. काफी समय से इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग विभागों में कई शिकायतें जमा हो गई थीं. कई लोगों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी जब मन करता ऑफिस आते थे और अपनी मर्जी से ही चले जाते थे. ऐसी शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। कुछ लोगों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अक्सर पूरे कार्यबल की प्रतिष्ठा को धूमिल कर देता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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