बंगाल में खुलेंगीं 8,000 बंद फैक्टरियां, बोले डिंडा- एमएसएमइ बनेगा विकास का इंजन

Edited by Ashish Jha
Updated:
विज्ञापन

अशोक डिंडा

Bengal News: बंगाल में लगभग 90 लाख एमएसएमइ इकाइयां हैं, जो करीब 1.35 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं. इसके बावजूद लगभग 8,000 फैक्ट्रियां वर्तमान में बंद पड़ी हैं.

विज्ञापन

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट

Bengal News: राज्य के एमएसएमइ एवं वस्त्र राज्य मंत्री अशोक डिंडा ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता बंद पड़ी करीब 8,000 एमएसएमइ इकाइयों को दोबारा शुरू करना और इस क्षेत्र को नयी गति प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से राज्य का एमएसएमइ क्षेत्र अपेक्षित विकास नहीं कर पाया है. मंत्री ने बताया कि एमएसएमइ क्षेत्र पश्चिम बंगाल में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है, इसलिए इसके पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

अशोक डिंडा ने कहा कि इन बंद इकाइयों को फिर से चालू करना वर्तमान सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के वोकल फॉर लोकल अभियान के अनुरूप राज्य सरकार भी स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने आगे बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार जल्द ही उद्योगों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करेगी. इसके माध्यम से उद्योग स्थापित करने से जुड़ी विभिन्न मंजूरियां एक ही मंच से उपलब्ध कराई जाएंगी.

एमएसएमइ बनेगा विकास का इंजन

एक लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल (दक्षिण संभाग) और आइसीएमएआइ-इआइआरसी के संयुक्त तत्वावधान में एमएसएमइ एवं स्टार्ट-अप प्रमोशन बोर्ड (एमएसपीबी), इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएमएआइ) के सहयोग से कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय एमएसएमइ दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित अशोक डिंडा ने कहा कि एमएसएमइ, पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास की रीढ़ है. इसलिए राज्य सरकार एमएसएमइ सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है.

उद्यमियों के लिए बनेगा अनुकूल वातावरण

उन्होंने राज्य में औद्योगिकीकरण, निवेश को बढ़ावा देने और एमएसएमइ विकास को आगे बढ़ाने के लिए नयी राज्य सरकार के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हुए कहा कि उद्यमियों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करने, नये निवेश को प्रोत्साहित करने और व्यवसायों के विकास को सक्षम बनाने के लिए सरकार नयी नीतियां बनाने पर काम रही है, जिससे विकसित बंगाल की रफ्तार और तेज होगी.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

ये लोग थे मौजूद

इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, उद्यमियों और एमएसएमइ क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया. इस अवसर पर लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल (दक्षिण संभाग) के अध्यक्ष केके सेकसरिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के परिषद सदस्य चित्तरंजन चट्टोपाध्याय, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुमार साहू आदि मौजूद रहे.

Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola