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एशिया की सबसे बड़ी फूल मंडी मल्लिक घाट का होगा कायाकल्प

Updated at : 26 May 2025 1:02 AM (IST)
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एशिया की सबसे बड़ी फूल मंडी मल्लिक घाट का होगा कायाकल्प

बागवानी विभाग की अनुमति के बाद डीपीआर तैयार करेगा निगम

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बनेगी अत्याधुनिक पांच मंजिली इमारत, निगम को सौंपी गयी जिम्मेदारी

कोलकाता. मल्लिक घाट स्थित सदियों पुरानी और एशिया की सबसे बड़ी मानी जाने वाली फूल मंडी का जल्द ही कायाकल्प होने वाला है. वर्षों से जीर्ण-शीर्ण संरचना, अस्वच्छ वातावरण और भीड़भाड़ वाली यह मंडी अब एक आधुनिक पांच मंजिली इमारत में तब्दील होगी, जहां केवल फूल बेचे जायेंगे. राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक बाजार को नया स्वरूप देने की योजना बनायी है और यह जिम्मेदारी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को सौंपी गयी है. राज्य के बागवानी विभाग से अनुमति मिलने के बाद निगम एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा, जिसके बाद इस विरासत को संरक्षित करते हुए इसका व्यापक आधुनिकीकरण किया जायेगा.

बाजार की वर्तमान स्थिति और प्रस्तावित बदलाव :वर्तमान में यह थोक बाजार हावड़ा ब्रिज से सटा हुआ है और मल्लिक घाट से जगन्नाथ घाट तक फैला हुआ है. यहां खरीदारी सूरज डूबने से पहले ही शुरू हो जाती है और अगले दिन दोपहर तक चलती रहती है. बाजार में तीन जीर्ण-शीर्ण लोहे की संरचनाएं हैं, जिनके आसपास विक्रेता बैठते हैं. कई बार फूल न बिकने पर स्टॉक न कर पाने के कारण सड़ जाते हैं, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान होता है. पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में यहीं से फूलों की आपूर्ति की जाती है, इसलिए इसका नवीनीकरण और आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक है. निगम के सूत्रों के अनुसार, शहर के विभिन्न मॉलों की तरह यहां भी चार मंजिला ‘फूल मॉल’ होगा. फूलों को लाने-ले जाने के लिए बड़े और छोटे वाहनों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कंक्रीट की सड़कें और पर्याप्त पार्किंग क्षेत्र बनाये जायेंगे. पूरे मार्केट को पर्याप्त रोशनी और सुंदर लैंपपोस्टों से सजाया जायेगा.

नये मार्केट में होंगी ये सुविधाएं

नये मार्केट में थोक और खुदरा दोनों तरह की दुकानें होंगी. प्रतिदिन न बिकने वाले फूलों को सड़ने से बचाने के लिए एक कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था भी होगी, जिससे व्यापारियों का नुकसान कम होगा. साथ ही फूलों से बने विभिन्न उत्पाद जैसे रंग, धूप और अगरबत्ती आदि की दुकानें भी होंगी. कई आधुनिक शौचालय और खान-पान के लिए अलग से स्थान निर्धारित होंगे. प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की जायेगी. प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले फूलों के अपशिष्ट को रिसाइकिल करने के लिए एक अलग संयंत्र भी बनाया जायेगा. पूरी पांच मंजिला इमारत फूल व्यवसाय के लिए समर्पित होगी. इस बाजार के साथ-साथ मल्लिक घाट और जगन्नाथ घाट का भी पूरी तरह से जीर्णोद्धार किया जायेगा.

बोले निगम अधिकारी

इस संदर्भ में कोलकाता निगम के एक अधिकारी ने कहा कि पूरा बाजार बागवानी विभाग के अधीन है. उनकी अनुमति मिलने के बाद डीपीआर तैयार कर निविदा जारी की जायेगी. इससे फूलों के कारोबार से जुड़े हजारों खरीदारों और व्यवसायी लाभान्वित होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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