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अनुपयोगी सामान से बनाया जा रहा है प्राचीन मंदिर

Updated at : 25 Sep 2024 2:07 AM (IST)
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अनुपयोगी सामान से बनाया जा रहा है प्राचीन मंदिर

इस बार पूजा आयोजक, अनुपयोगी सामान का उपयोग कर पंडाल को एक प्राचीन मंदिर का रूप दे रहे हैं.

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हावड़ा. घुसुड़ी प्रोजेक्ट सार्वजनीन दुर्गापूजा कमेटी प्रत्येक साल की तरह इस बार भी आकर्षक पंडाल बनाकर श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचने की तैयारी में जुट गयी है. इस बार पूजा आयोजक, अनुपयोगी सामान का उपयोग कर पंडाल को एक प्राचीन मंदिर का रूप दे रहे हैं. यह जानकारी पूजा कमेटी के महासचिव सुरोजीत राय ने दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूजा का 66वां साल है. उन्होंने कहा कि अमूमन हमलोग कई सामानों का उपयोग नहीं करते हैं. उसे फेंक देते हैं, लेकिन यह गलत है. इस सोच को बदलने की जरूरत है. मनुष्य के जीवन में सब कुछ उपयोगी है. इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पंडाल बनाने के लिए बांस, काठ, प्लाईवुड, शोला और होगला पत्ता का उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं को यह समझाने की कोशिश की जायेगी कि जीवन में कुछ भी अनुपयोगी नहीं है. नंदलाल पाल मूर्ति बना रहे हैं, जबकि गौड़ इलेक्ट्रिक अपनी विद्युत सज्जा से पंडाल की शोभा बढ़ायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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